शामली
कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चौसाना। सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का मार्मिक वर्णन किया गया। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चले कथा वाचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा पांडाल भक्ति भाव से भरा रहा।
चौसाना क्षेत्र के खोडसमा शिव मंदिर में कथा व्यास आचार्य संजीव कुमार महाराज ने बताया कि रुक्मिणी जी की अटूट श्रद्धा और विश्वास ने भगवान श्रीकृष्ण को उनके पास आने के लिए विवश कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेम और समर्पण ही भक्ति का आधार है, जहां अहंकार नहीं बल्कि विश्वास होता है। कथा में रुक्मिणी हरण, शिशुपाल के अभिमान और भगवान की करुणा का विस्तार से वर्णन किया गया।
कथा के दौरान श्रद्धालु शांत भाव से बैठे रहे और कई महिलाएं भावुक होकर प्रभु स्मरण करती दिखाई दीं। राधे-श्याम और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा व्यास ने कहा कि जीवन में धर्म, मर्यादा और सत्य का पालन करने वाला व्यक्ति सदैव ईश्वर की कृपा प्राप्त करता है।


