बागपत

जेईई मेंस में 98.6 पर्सेंटाइल के साथ शांतनु दांगी ने रचा इतिहास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/बागपत : राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा Joint Entrance Examination – Main (जेईई मेंस) में 98.6 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त कर शांतनु दांगी ने न केवल अपने परिवार, बल्कि लुहारी गांव और पूरे बड़ौत क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।
वे डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के मेधावी छात्र हैं और सुभाष दांगी के सुपुत्र हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने शांतनु को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
 कठिन प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन
जेईई मेंस देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं। ऐसे कड़े मुकाबले में 98.6 पर्सेंटाइल हासिल करना शांतनु की लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
शांतनु ने नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और मॉक टेस्ट की रणनीति के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता—सिर्फ निरंतर मेहनत ही मंजिल तक पहुंचाती है।
 विद्यालय ने जताया गर्व
विद्यालय के प्रधानाचार्य के.के. त्यागी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—
“शांतनु की यह उपलब्धि न केवल हमारे विद्यालय बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
विद्यालय परिवार ने भी शांतनु का सम्मान कर अन्य विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
 ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत
लुहारी गांव और आसपास के क्षेत्र में इस सफलता को विशेष गर्व के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शांतनु ने यह साबित कर दिया कि छोटे गांवों से निकलकर भी छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं में भी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति उत्साह बढ़ा है। अभिभावकों ने भी इसे बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने वाला उदाहरण बताया।
 लक्ष्य आईआईटी की ओर
शांतनु का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस की तैयारी कर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में प्रवेश पाना है। उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि उनका सपना देश के लिए कुछ बड़ा करने का है।
शांतनु दांगी की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और आत्मविश्वास अडिग हो, तो सफलता निश्चित है। बड़ौत और लुहारी गांव के लिए यह उपलब्धि सचमुच गौरव का क्षण है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button