पाकुड़

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर पाकुड़ में जागरूकता-संकल्प रैली, कर्मचारियों की समस्याओं पर उठी आवाज

Awareness-resolution rally in Pakur on the call of All India Railway Men's Federation, voice raised on the problems of the employees

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। 18 फरवरी 2026 बुधवार को ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के बैनर तले पाकुड़ शाखा द्वारा बुधवार शाम जागरूकता सह संकल्प रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे ने किया। यह पदयात्रा शाम 4:00 बजे शाखा परिसर से प्रारंभ होकर प्लेटफॉर्म संख्या एक से गुजरते हुए पाकुड़ यार्ड पहुंची, जहां कर्मचारियों को संबोधित करने के बाद इसका समापन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने बताया कि पाकुड़ में रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर पूर्व में किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है तथा शेष कार्यों को मार्च माह तक पूर्ण करने की योजना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कार्यरत कर्मियों पर अत्यधिक दबाव है, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से रिक्त पदों को शीघ्र भरने और कर्मचारियों को कार्य निष्पादन हेतु उचित समय-सीमा देने की मांग की। शाखा सचिव ने विशेष रूप से ओपन लाइन में कार्यरत पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर वर्ग) की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई स्तरों के प्रशासनिक दबाव, अधीनस्थ कर्मचारियों एवं एजेंसी श्रमिकों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी तथा चौबीसों घंटे सक्रिय रहने की मजबूरी के कारण यह वर्ग अत्यधिक तनाव में है। चिकित्सा जांच के हवाले से उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत सुपरवाइजर उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं हृदय रोग जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस श्रेणी के कर्मचारियों को प्रतिदिन कम से कम 6 से 8 घंटे का अबाधित विश्राम सुनिश्चित किया जाए। कोलकाता से आए केंद्रीय सहायक सचिव पलाश घोष ने केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि नए पदों का सृजन न होने और लगातार कटौती से युवाओं के रोजगार के अवसर घट रहे हैं। उन्होंने रेलवे में निजीकरण और सुरक्षा श्रेणी में बाहरी नियुक्तियों की योजनाओं का विरोध दोहराया। साथ ही हाल में लागू नए श्रम कानूनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के अधिकार, कार्य-घंटे और संगठन बनाने की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। सभा में रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर भत्ता में 25 प्रतिशत वृद्धि, सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस की बहाली, ट्रैकमैन के लिए लैटरल इंडक्शन, एलडीसी पदों में 10 प्रतिशत सीधी भर्ती कोटा, एकीकृत पेंशन योजना में सुधार कर पुरानी पेंशन योजना के समकक्ष बनाने, आठवें वेतन आयोग के शीघ्र गठन तथा पॉइंट्समैन श्रेणी के लिए चार स्तरीय वेतन संरचना लागू करने जैसी मांगें दोहराई गईं। वक्ताओं ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर संगठन पिछले दो वर्षों से रेलवे बोर्ड स्तर पर लगातार प्रयासरत है। सभा के अंत में शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे ने उपस्थित कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन की एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय नेता जयंतो चक्रवर्ती सहित अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी से रेलवे प्रशासन के प्रति असंतोष स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।

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