गाजियाबाद
मीरपुर हिन्दू डंपिंग ग्राउंड विवाद ने तूल पकड़ा
1 मार्च को महापंचायत का ऐलान, गांव-गांव जनसंपर्क अभियान शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : मीरपुर गांव में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (डंपिंग ग्राउंड) को लेकर चल रहा विरोध अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। धरना दे रहे ग्रामीणों और किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए 1 मार्च को महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। यह फैसला भारतीय किसान यूनियन के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद लिया गया है।
करीब दो माह से जारी आंदोलन के बीच हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद माहौल और अधिक गरमा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचों-बीच कूड़ा निस्तारण संयंत्र स्थापित होने से क्षेत्र में प्रदूषण, दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। उनका आरोप है कि जिस भूमि पर जनहित से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं, वहां डंपिंग ग्राउंड बनाया जा रहा है।
कमेटी गठित, व्यापक जनसमर्थन जुटाने की तैयारी
आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी आसपास के गांवों में जाकर जनसंपर्क अभियान चलाएगी और अधिक से अधिक लोगों को महापंचायत में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी। किसानों का कहना है कि यह केवल मीरपुर का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य और पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। 1 मार्च को प्रस्तावित महापंचायत को लेकर स्थानीय क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण मालिक, टिकैत टीम से बिल्लू प्रधान, रूपेश मलिक, मोनू प्रधान, रविंदर त्यागी, राजेंद्र बेसला, सुशील त्यागी, अशोक पंडित जी, कन्नू त्यागी, महेश त्यागी, मोहमुदीन, तेजराम मंडार, राकेश त्यागी, प्रदीप शर्मा, डॉक्टर सहदेव और अनिल त्यागी आदि मौजूद रहे।


