सिंगरौली

 बकरी पालन लोन में गड़बड़ी का आरोप

बैंक ऑफ बड़ौदा पर हितग्राही को स्वीकृत राशि से 10 हजार कम देने का मामला, कलेक्टर से शिकायत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली। जिले में स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत ऋण राशि में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। बिहार गांव निवासी गरीब हितग्राही लाली बाई ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर बकरी पालन के लिए मंजूर लोन की पूरी राशि न देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
लाली बाई ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजना के तहत 11 बकरियों की खरीद के लिए आवेदन किया था। विभाग द्वारा उनकी फाइल स्वीकृत करते हुए 46,473 रुपए का ऋण मंजूर किया गया, जो सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिया गया था।
पीड़िता के पति लाली प्रसाद रावत के अनुसार, यह राशि नवंबर 2025 में बैंक को प्राप्त हो गई थी, लेकिन जनवरी 2026 में बैंक द्वारा उन्हें केवल 36 हजार रुपए ही दिए गए। शेष राशि के संबंध में बार-बार पूछताछ के बावजूद उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
“पैसा गड्ढे में चला गया” — मैनेजर पर गैर-जिम्मेदार बयान का आरोप
लाली बाई का आरोप है कि जब वे बकाया रकम मांगने बैंक मैनेजर के पास पहुंचीं, तो उन्हें बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया गया। मैनेजर ने कथित रूप से कहा कि “पैसा गड्ढे में चला गया है, अब वापस नहीं मिलेगा।” पीड़िता का कहना है कि पूरी राशि उनके नाम पर कर्ज के रूप में दर्ज हो चुकी है, लेकिन पैसा अधूरा मिलने के कारण वे अब तक बकरियां नहीं खरीद पाईं और उनका स्वरोजगार शुरू होने से पहले ही संकट में पड़ गया।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग रविंद्र जायसवाल ने बताया कि मामले की जानकारी जिला पंचायत सीईओ को दे दी गई है। प्रशासन के निर्देश पर लीड बैंक मैनेजर को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने को कहा गया है। वहीं जब इस संबंध में बैंक पक्ष जानने के लिए लीड बैंक मैनेजर रंजीत कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब पीड़ित परिवार को प्रशासनिक जांच और न्याय मिलने की उम्मीद है।
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