पाकुड़ नगर परिषद चुनाव 2026: वार्डों में घमासान, अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
Pakur Municipal Council Elections 2026: Wards are in a tight race, with a triangular contest expected for the post of president.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के मद्देनज़र पाकुड़ नगर परिषद में चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंचती दिखाई दे रही है। वार्ड स्तर पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और संभावित परिणामों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वार्डों में कड़ा मुकाबला
वार्ड संख्या-4 में तीन प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, जिनमें से एक उम्मीदवार की दावेदारी को लेकर विशेष चर्चा है। वहीं वार्ड संख्या-5 में सात उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन स्थानीय विश्लेषण के अनुसार एक प्रत्याशी अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा वार्ड संख्या-1 और वार्ड संख्या-13 में भी चुनावी रुझान एक स्पष्ट दिशा की ओर संकेत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण खुलकर आकलन करना चुनौतीपूर्ण है, फिर भी राजनीतिक गलियारों में संभावित जीत-हार को लेकर कयासों का दौर जारी है।
अध्यक्ष पद पर बढ़ी दिलचस्पी
नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। शुरुआती चरण में दो प्रत्याशियों की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन हालिया चुनावी गतिविधियों के बीच एक तीसरा नाम भी तेजी से उभरकर सामने आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की क्षमता रखते हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना प्रबल हो गई है।
यद्यपि यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है, फिर भी कई प्रत्याशियों ने समर्थक दलों के वरिष्ठ नेताओं को प्रचार के लिए आमंत्रित कर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
जनता का मूड बनेगा निर्णायक
चुनाव की तिथि 23 फरवरी 2026 नजदीक आने के साथ ही मतदाताओं का रुझान निर्णायक भूमिका में दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में बदलते राजनीतिक माहौल से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मतदाता विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
विशेषज्ञों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय पाकुड़ के जनहित और नगर परिषद क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए योग्य प्रत्याशी का चयन करना चाहिए। अब सबकी नजरें आगामी मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हैं।



