
बीमा के नाम पर केसीसी बनाकर आदिवासी महिलाओं के खातों से हुईं लाखों की निकासी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जनसुनवाई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां अनपढ़ आदिवासी महिलाओं को बीमा की बात कहकर अंगूठा लगवाया गया और उनके नाम से केसीसी बना दी गई। महिलाओं को लगा कि बीमा की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन उनके खातों से 2 लाख 67 हजार 466 रुपये और 69 हजार 472 रुपये की राशि निकाल ली गई। उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी और सीधे लाखों का कर्ज उनके नाम चढ़ा दिया गया। जब घर पर वसूली नोटिस पहुंचे तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
विकासखण्ड भैसदेही अंतर्गत ग्राम गदराझिरी की आदिवासी महिलाएं छतुरा और सुकु ने जनसुनवाई में इसकी शिकायत कर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
गदराझिरी निवासी आवेदिका छतुरा ने बताया कि 24 अक्टूबर 2025 को आ.जा. वृहता सहकारी समिति मर्या से 2,67,466 रुपये जमा करने का नोटिस मिला। जब उन्होंने बैंक में जानकारी ली तो बताया गया कि केसीसी का पैसा बकाया है। स्टेटमेंट निकलवाने पर उनके खाते से टी.आर. शिवहरे (सागर) के नाम से राशि निकाले जाने की जानकारी सामने आई। छतुरा का कहना है कि वह अनपढ़ हैं, उन्हें केसीसी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुकेश आर्य निवासी गदराझिरी ने बीमा कराने के नाम पर कागज लिए और अंगूठा लगवाया। आरोप है कि टी.आर. सिवहरे द्वारा उनके खाते से राशि आहरित कर ली गई। नोटिस मिलने के बाद ही पूरे मामले की जानकारी हुई।
दूसरी आवेदिका सुकू आत्मज गेंदलाल ने बताया उन्हें भी दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को आ०जा० वृहता सहकारी समिति मर्या से 69,472 रुपये जमा करने का नोटिस प्राप्त हुआ। बैंक में पूछताछ करने पर बताया गया कि उनके नाम से केसीसी का बकाया है। सुकू ने भी स्वयं को अनपढ़ बताते हुए कहा कि मुकेश आर्य निवासी गदराझिरी ने बीमा कराने के लिए कागज लिए और अंगूठा लगवाया, जिसके बाद उनके खाते से राशि निकाल ली गई। उन्हें भी केसीसी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। विरोध करने पर कथित रूप से उन्हें भी यही कहा गया कि जो बनता है कर लो, पैसे नहीं हैं। दोनों महिलाओं ने कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक से मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।



