नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार को कांग्रेसजनों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के कथित उत्पीडऩ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की गई। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय की मंशा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार आलोचना और सही सुझावों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने का कार्य कर रही है। कांग्रेसजनों ने आरोप लगाया कि सरकार के विरुद्ध मुखर होकर अपनी बात रखने वाले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती और उनके शिष्यों को अनावश्यक रूप से परेशान और प्रताडि़त किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कुम्भ के दौरान मौनी अमावस्या के पुण्य अवसर पर पुलिस द्वारा शंकराचार्य और उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया तथा उनके साथ आए साधुओं के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अब शंकराचार्य, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी सहित कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज कराए जाने से मामला और गंभीर हो गया है। ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए कहा गया कि ये प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों के प्रबंधन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं। कांग्रेसजनों ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक माना जाता है, जिसकी मान्यता ऐतिहासिक धार्मिक परिपाटियों से निर्धारित होती है। जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, परिस्थितियों और संभावित प्रेरक तत्वों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके। साथ ही उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकार से आह्वान किया कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों का कथित उत्पीडऩ तत्काल प्रभाव से रोका जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष डा.दयाराम रजक, मनरेगा बचाओ संघर्ष समिति के जिला प्रभारी जसपाल सिंह बंटी, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह, महासचिव शशिकान्त दीक्षित, प्रदेश महासचिव एनएसयूआई कुलदीप पाठक, नगराध्यक्ष रामनरेश दुबे, आशाराम तिवारी, नेहा, असलम खान, मु.आसिफ, कृष्ण कुमार, ऋषभ रजक, महेश चंद्र, दीपक कुमार, इमरान, गजेन्द्र सिंह, प्रेम नामदेव, राहुल सेन के अलावा बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।



