भरत पुर
बेईमान जमाने में ईमानदारी अभी जिन्दा है
युवक ने पैसों से भरा हुआ पर्स लौटा कर दिया ईमानदारी का परिचय

युवक को मिठाई खिलाकर मिली शाबाशी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर : रुपए कमाने के फेर में जहां चारों ओर लुट-खसोट मची हुई है और महज कुछ पैसों के लिए जहां भाई- भाई एवं दोस्तों के बीच झगड़ा हो जाते हैं। वहीं समाज में कुछ ऐसे भी लोग अभी मौजूद हैं, जो दुसरे के पैसों को अमानत समझ कर उन्हें उसके असली मालिक तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं जहां ऐसे लोगों की बदौलत आज भी ईमानदारी जिन्दा है।ऐसी ही ईमानदारी की मिसाल पेश की है भुसावर कस्बे के कानूनगो मौहल्ला निवासी विष्णु कुमार (विष्णु सैन) पत्रकार पुत्र श्री स्वर्गीय श्री अमर सिंह सैन ने। दर असल हुआ यूं कि विष्णु सैन कस्बे के बाजार से कुछ सामान लेकर अपने घर आ रहा था जहां अचानक घर के पास रास्ते में उसे एक पर्स दिखाई दिया। जहां उन्होंने अपनी मां को आवाज़ देकर बुलाया और उन्होंने पर्स खोल कर देखा तो उसमें सेवा निवृत्त वैध वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय का फोटो लगा हुआ था। विष्णु सैन ने दुरभाष पर वैध वीरेन्द्र कुमार को सुचना देकर मिला हुआ पर्स लौटा कर अपनी ईमानदारी की मिसाल पेश की गईं जिसमें लगभग तीन हजार पांच सौ रुपए थे। वहीं युवक विष्णु सैन के सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए वैध वीरेन्द्र कुमार ने शबाशी देकर मिठाई खिलाकर होंसला बढ़ाते हुए कोठी वाले हनुमानजी बाबा से प्रार्थना करते हुए विष्णु सैन की हर मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद प्रदान किया। वहीं दूसरी ओर वैध वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाजार में किसी कारणवश कुछ सामान लेने गये थे जहां रास्ते में उनका पर्स गिर गया था लेकिन कोठी वाले हनुमानजी बाबा के आशीर्वाद से विष्णु सैन ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स लौटा दिया। जिसमें लगभग तीन हजार पांच सौ रुपए और आई डी कार्ड सहित जरुरी दस्तावेज (कागजात) आदि रखें हुए थे।


