मथुरा

बरसाना में भगदड़

लट्ठमार होली खेलने आए श्रद्धालुओं की भीड़ हुई बेकाबू, कई लोग दबे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा में बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बरसाना में लट्ठमार होली खेलने आए श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक से बेकाबू हो गई। जिससे बाग मोहल्ला बैरियर पर जमा श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। भीड़ इस कदर बेकाबू हुई कि संभालने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए। मजबूरन बैरियर ऊपर करना पड़ा, जिससे चलते बेकाबू भीड़ मंदिर की ओर दौड़ी तो कई श्रद्धालु गिर गए। कई श्रद्धालु भीड़ के पैरों के नीचे आकर दब गए। पुलिसकर्मियों और स्थानीय युवाओं ने जैसे-तैसे भीड़ में गिरे लोगों को बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। बुधवार को बरसाना में दोपहर तक सब कुछ ठीक चल रहा था। दोपहर करीब दो बजे लठामार होली का आयोजन अपने चर्म पर था। मंदिर बंद होने के बाद पुराने बस अड्डे से बाग मौहल्ला होकर राधाजी मंदिर जाने वाली भीड़ को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया। इसी दौरान बरसाना-नंदगांव के हुरियारे राधारानी मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंच गए। हुरियारों को राधा रानी के मंदिर में दर्शन करने में थोड़ा समय लग गया। पुलिस ने मंदिर की ओर बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को बाग मोहल्ला की तरफ से संजय वकील के समीप बैरियर पर सुदामा चौक की तरफ जाने से रोक लिया गया था। भीड़ का इतना दबाव बढ़ गया कि संभालना मुश्किल हो गया। इसी बीच मंदिर जाने के लिए श्रद्धालुओं में आपस में धक्का-मुक्की होने लगी। सभी में होड़ थी कौन पहले मंदिर पहुंचे। भीड़ के दबाव से बैरियर टूटने ही वाला था कि पुलिसकर्मी बैरियर के आगे खड़े हो गये। परंतु, भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि पुलिसकर्मियों के समझाने पर लोग नहीं माने। पीछे से आ रहे धक्के भीड़ में फंसे लोगों के लिए असहनीय हो गये। मजबूरन पुलिस को बैरियर खोलना पड़ा। बैरियर खुलते ही भीड़ बेकाबू होकर बेतरतीब तरीके से मंदिर की ओर दौड़ पड़ी। इसके चलते कई श्रद्धालु गिर गए। कुछ लोग उनके ऊपर से गुजरे भी, लेकिन तब तक पुलिसकर्मी भीड़ के आगे आ गए। उनके साथ स्थानीय युवा भी लोगों को रोकने के प्रयास में जुट गए। पुलिसकर्मियों ने भीड़ में गिरे लोगों को खींच कर जैसे-तैसे बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर बैठाया। एक झटके में यह सब कुछ इस तरह हुआ की किसी को कुछ भी समझ नहीं आया। परंतु, भीड़ में किसी भी के भी दबने से पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना था कि यदि बुजुर्ग या महिला श्रद्धालु गिरे होते हो यहां बड़ा हादसा हो सकता था। बताते चलें कि उक्त स्थान पर होली व अन्य अवसरों पर भीड़ का दबाव बढ़ता है। पिछले वर्ष भी होली के दौरान उक्त बैरियर पर भीड़ का दबाव बढ़ने से हादसे होने से बचा था। दो साल पहले भी बरसाना में भगदड़ मची थी। सभी श्रद्धालु लड्डूमार होली खेलने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया। राजभोग दर्शन के समय यहां अफरातफरी मच गई थी। भदगड़ के चलते यहां निकास द्वार की रेलिंग भी टूट गई थी। जिससे कई महिला-पुरुष श्रद्धालु भीड़ के दबाव में गश खाकर गिर गए थे। इसमें कईयों की हालत बिगड़ गई थी।
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