खैरथल

विधायक दीपचंद खैरिया ने विधानसभा में उठाये क्षेत्र के विकास के मुद्दे

विधायक प्रोटोकाल का उल्लंघन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए कहा  

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
किशनगढ़ बास | 16 वीं राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र सहित खैरथल-तिजारा जिले के लिए कुछ विशेष घोषणा नही किए जाने पर क्षेत्रीय विधायक दीपचन्द खैरिया ने सरकार से नाराजगी जताई  है | विधायक ख़ैरिया के निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी ने बताया कि विधायक दीपचंद खैरिया ने विधानसभा में क्षेत्र के विकास के मुद्दे उठाए।शिक्षा ,चिकित्सा , यातायात व्यवस्था सुधारने सहित खैरथल जिला मुख्यालय पर निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाने पर जोर दिया | साथ ही विधायक प्रोटोकाल का उल्लंघन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए कहा। विधायक खैरिया ने कहा कि जो कार्य हमारी सरकार के अंतिम वर्ष में घोषित किये गए थे और उनके लिए बजट प्रावधान किये गए थे , उनको भी सरकार अभी तक पूरा नहीं करवा पाई है | सरकार की  वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह फेल है | कांग्रेस सरकार ने जिले के गठन के साथ एक हजार करोड़ का बजट दिया था जिसका अभी तक उपयोग नहीं किया गया है , एक भी जिला स्तरीय कार्यालय का निर्माण तो दूर भूमि आवंटन तक नहीं किया गया है | खैरथल में बाइपास ओवरब्रिज , जिला अस्पताल , किशनगढ़ बास में स्टेडियम सहित बहुत से कार्य अधूरे  पड़े हुए हैं, जिनको शीघ्र शुरू कर पूरा किया जाये |
बजट सत्र में किशनगढ़ बास विधायक ने क्षेत्र के विकास से जुड़े अनेक सवाल उठाये हैं जिनमे जिला मुख्यालय खैरथल में भूमि आवंटन कर निर्माण  कार्यालय भवन निर्माण शुरू करने , संविदा कर्मचारियों  के नियमतिकरण करने , जर्जर विद्यालय भवनों और भूमिहीन विद्यालयों को जमीन आवंटन कर भवन निर्माण करने, शिक्षा और चिकित्सा में रिक्त पदों को भरने , खैरथल जिले में रोडवेज बसों की बदहाल यातायत व्यवस्था सुधारने , नगरपरिषद खैरथल , नगरपालिका किशनगढ़ बास और कोटकासिम के विकास कार्य और खैरथल-तिजारा जिले के नामकरण और मुख्यालय पर स्थिति स्पष्ट करने से सम्बंधित सवाल पूछे हैं |
माननीय विधायकों के प्रोटोकाल से जुड़े एक अतारांकित प्रश्न संख्या 7132 के द्वारा पुछा गया है कि  राज्य सरकार के आदेश की पालना नहीं करने वाले अधिकारिओं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार क्या कार्यवाही करने का विचार सरकार  रखती है | उल्लेखनीय है कि भाजपा नेताओं के अनावश्यक दबाव में आकर कुछ अधिकारी सरकार के नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं | विधायक ने कहा कि अधिकारी कर्मचारी बिना किसी के दबाव में आये नियमनुसार जनता के हित में कार्य करें और उन नेताओं को भी समझाना चाहिए कि जब जनता ने आपको नकार दिया है तो  जनता की भावना को समझें और उसी के अनुसार आचरण करें | किसी भी अधिकारी कर्मचारी पर गलत और नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव नहीं बनायें | नेताओं को तो जनता चुनाव में जबाब दे देती है लेकिन कर्मचारी अधिकारी को नियम विरुद्ध कार्य करने पर नौकरी पर आंच आती है और उनका परिवार प्रभवित होता है | इसलिए कर्त्व्यनिष्ठ्पुर्वक नियमानुसार ईमानदारी से आमजन का काम करना चाहिए।
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