अंतरराष्ट्रीय

खामेनेई की मौत पर भड़का रूस

पुतिन ने जताई संवेदना, ईरानी राष्ट्रपति को भेजे शोक संदेश में क्या कहा?

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन को संदेश भेजा है और उनके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इस्राइली-अमेरिकी हमलों में मौत पर संवेदना जताई है। पुतिन ने क्या कहा अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुख जताया। उन्होंने इसे हत्या करार दिया। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संदेश में क्या कहा?
पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को भेजे संदेश में कहा, इस्लामी गणराज्य ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या पर मेरी गहरी संवेदना स्वीकार करें। यह मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों का खुला उल्लंघन है। इस संदेश को क्रेमलिन ने जारी किया है। पुतिन ने आगे कहा कि रूस में खामेनेई को एक बड़े नेता के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान के संबंधों को मजबूत करने में खामेनेई का अहम योगदान रहा।
ईरान के सरकारी टीवी ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि-ईरान के सरकारी टेलीविजन ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की। इसके बाद ईरान ने नए हमले शुरू किए। वहीं, इस्राइल ने तेहरान पर जवाबी कार्रवाई की।रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों पर इसके अलावा कोई सीधी टिप्पणी नहीं की।
रूस के वरिष्ठ राजनयिकों ने क्या चेतावनी दी?-रूस के वरिष्ठ राजनयिकों ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इस्राइल के हमले क्षेत्र को परमाणु संकट के कगार पर ले जा सकते हैं और तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने क्या कहा?-संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वेसिली नेबेंज्या ने इन हमलों को कूटनीति के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने पश्चिमी देशों के इस तर्क को खारिज किया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करना चाहते था। उन्होंने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया। नेबेंज्या ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा, कूटनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने की इच्छा रखने के बावजूद एक बार फिर तेहरान की पीठ में छुरा घोंपा गया है।
ईरान की ओर से इराक और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई का जिक्र करते हुए नेबेंज्या ने कहा कि अमेरिका-इस्राइल के हमलों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और यह संघर्ष क्षेत्र से बाहर भी फैल सकता है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?-रूसी विदेश मंत्रालय ने शनिवार अमेरिका और इस्राइल के हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने इसे ‘जानबूझकर पहले से योजना बनाकर और बिना उकसावे के किया गया सशस्त्र आक्रमण’ करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला उस समय किया गया, जब वार्ता की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई थी। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इन हमलों से क्षेत्र मानवीय, आर्थिक और यहां तक कि रेडियोधर्मी आपदा के कगार पर पहुंच सकता है।
उत्तर कोरिया ने क्या कहा? उत्तर कोरिया ने भी अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों की निंदा की है। उसने इन हमलों को ‘गैरकानूनी, आक्रामकता’ और राष्ट्रीय संप्रुभता का उल्लंघन करार दिया। सरकारी मीडिया कोरिया सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से दी है।
प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में अमेरिका का शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने अमेरिका के स्वभाव को वर्चस्ववादी और गैंगस्टर जैसा बताया और कहा कि ऐसी कार्रवाई उसी का नतीजा है। बयान में कहा गया कि अमेरिका और इस्राइल की ओर से शुरू किया गया आक्रामकता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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