जालौन
उरई कोतवाली क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
आए दिन लड़ाई-झगड़ों से बिगड़ रहा उरई शहर का माहौल
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। उरई शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मारपीट,विवाद और अराजक घटनाओं ने शहर के माहौल को बिगाड़ कर रख दिया है। उरई कोतवाली क्षेत्र में एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं से यह साफ दिखाई दे रहा है कि क्षेत्र में अराजकतत्वों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं और आम लोगों के अंदर से पुलिस का डर धीरे-धीरे खत्म होता दिखाई दे रहा है।
शहर के लोग कहते सुने जा रहे है कि जब से उरई कोतवाली में काले कांच वाली केबिन के बड़े साहब ने कमान संभाली है तब से कानून व्यवस्था की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। बीते दिनों राजेंद्र नगर क्षेत्र में एक डेयरी संचालक पर हुए घातक हमले की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। इस वारदात ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। इस घटना के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखा और शहर में विवाद और मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं। दो दिन पहले कोंच रोड स्थित मधुवन विला के पास भी एक युवक के साथ मारपीट की घटना सामने आई जिसमें एक युवती और दो युवकों द्वारा युवक को बीच सड़क पर पीटा गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिससे शहर की कानून व्यवस्था पर फिर से सवाल उठने लगे। इतना ही नहीं उरई कोतवाली के ठीक सामने देर रात एक प्रेमी युगल का हाई वोल्टेज ड्रामा भी चर्चा का विषय बना रहा। बताया जा रहा है कि प्रेमी युगल ने अपने ऊपर डीजल डालकर आग के सामने बैठकर घंटों तक हंगामा किया। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम उरई कोतवाली के गेट के सामने ही चलता रहा जिससे पुलिस की सक्रियता और सतर्कता पर भी सवाल खड़े हो गए। इसके अगले ही दिन दोपहर में फिर से कोतवाली के बाहर दो गुटों के बीच मारपीट की घटना सामने आई जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ जाहिर होता है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है। शहर के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और भी खराब हो सकते हैं। नागरिकों का मानना है कि पुलिस प्रशासन को शहर में बढ़ रही अराजक गतिविधियों पर सख्त नजर रखते हुए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों के अंदर सुरक्षा की भावना बनी रहे। उरई शहर के जिम्मेदार नागरिकों का कहना है कि पुलिस को गश्त बढ़ाने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। तभी शहर में शांति व्यवस्था कायम रह सकेगी और लोगों का पुलिस प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।

