भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जाति आधारित जनगणना

नेशनल प्रेस टाइम्स , ब्यूरो
हापुड – भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जाति आधारित जनगणना, एससी-एसटी-ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश कुमार एडवोकेट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लेने के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों का कॉलम शामिल नहीं किया गया है, जो ओबीसी वर्ग के साथ धोखाधड़ी के समान है। उन्होंने मांग की कि इस वर्ष होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी और जाति का अलग कॉलम शामिल किया जाए। यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी स्तर पर चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इसके तहत 6 मार्च को देश के 725 जिलों में ज्ञापन दिए गए, 13 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया गया, 23 मार्च को जिला मुख्यालयों पर रैली निकाली जाएगी और 23 अप्रैल 2026 को भारत बंद का आह्वान किया गया है।




