रांची

JJA की मांग पर झारखंड विधानसभा में फिर उठी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग

Demand for Journalist Protection Act raised again in Jharkhand Assembly on JJA demand

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। Jharkhand Journalists Association (JJA) की मांग पर झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में एक बार फिर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का मुद्दा उठाया गया। पत्रकार हितों से जुड़े पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और सुरक्षा से संबंधित मांगों को लेकर संगठन लंबे समय से आवाज उठाता रहा है। बताया गया कि JJA कोडरमा के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी Sanjeev Sameer के नेतृत्व में Dr. Neera Yadav, भाजपा विधायक (कोडरमा) से मुलाकात कर पत्रकारों की समस्याओं से अवगत कराया था। प्रतिनिधिमंडल ने अन्य राज्यों में पत्रकारों को मिल रही सुविधाओं—जैसे पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और आवास—की जानकारी देते हुए झारखंड में भी इन्हें लागू करने की मांग रखी। इसके साथ ही पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज होने वाले झूठे मुकदमों का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया और विधायक से आग्रह किया गया कि इन विषयों को विधानसभा के बजट सत्र में उठाया जाए। इसके बाद विधायक डॉ. नीरा यादव ने सदन में पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों के साथ ‘Journalist Protection Act’ (पत्रकार सुरक्षा कानून) को झारखंड में लागू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कानून आवश्यक है।
इस पहल पर JJA के प्रदेश अध्यक्ष Sampoorna Nand Bharti, राष्ट्रीय सचिव Chandan Mishra, संस्थापक Shahnawaz Hasan और प्रदेश महासचिव Abhay Labh ने आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग पहली बार 1 मई 2016 को चेन्नई में राष्ट्रीय स्तर पर उठाई गई थी, जिसका मसौदा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Ashwini Dubey, दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार K. Vikram Rao और शाहनवाज हसन द्वारा तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपा गया था। यह मसौदा तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री Prakash Javadekar तथा Kiren Rijiju को भी दिया गया था।
इसके बाद यह मांग लगातार Bharati Shramjeevi Patrakar Sangh (BSPS) द्वारा भी उठाई जाती रही है। हाल ही में इस मांग को लेकर नई दिल्ली के Jantar Mantar पर देशभर के पत्रकारों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। धरने के बाद BSPS के राष्ट्रीय महासचिव Dr. Naveen Anand Joshi के नेतृत्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखित मांगपत्र भी सौंपा गया था, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जवाब प्राप्त हुआ।

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