वोट नहीं देने पर कार्रवाई का आरोप
मकान का हिस्सा तोड़ने और नाली निर्माण से परेशान करने की शिकायत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : जिले के खैरलांजी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नवेगांव तीन में सरपंच और ग्रामीणों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम की निवासी तेजन बाई सहित अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव में वर्तमान सरपंच को वोट नहीं देने के कारण अतिक्रमण के नाम पर उनके मकान का हिस्सा तोड़ा जा रहा है और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से घर के सामने गहरी नाली का निर्माण कराया जा रहा है।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद से वे अपने घर का निर्माण कार्य कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि पिछले कई वर्षों से मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन उस दौरान ग्राम पंचायत की ओर से किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं बताया गया। उनका आरोप है कि हाल ही में हुए चुनाव में उन्होंने वर्तमान सरपंच को वोट नहीं दिया, जिसके बाद अब अतिक्रमण बताकर मकान का एक हिस्सा तोड़ा जा रहा है।
महिलाओं का यह भी कहना है कि उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से उनके घर के सामने गहरी नाली बनवाई जा रही है, जिसकी उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि नाली काफी गहरी होने के कारण पहले भी एक बार उनकी सास उसमें गिर चुकी हैं और भविष्य में भी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी करने के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा पांच-पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। महिलाओं का कहना है कि किस्त जारी कराने के लिए उनसे पैसे मांगे गए, जिससे वे काफी परेशान हैं।
वहीं इस मामले में ग्राम पंचायत नवेगांव तीन के सरपंच संदीप लिल्हारे ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि संबंधित परिवार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकान के अलावा सरकारी जमीन पर भी निर्माण किया जा रहा था, जो अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। इसलिए पंचायत द्वारा नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
इधर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक सूर्यपाल घरसेले ने भी रिश्वत लेने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।





