गोड्डा
असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह को आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें झारखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ असम में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में व्यापक चुनाव प्रचार अभियान चलाने का दायित्व दिया है। इसे कांग्रेस का एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि दीपिका पांडेय सिंह का मजबूत जनसंपर्क, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी राजनीति का अनुभव चुनाव प्रचार में पार्टी के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इसी भरोसे के साथ उन्हें इस महत्वपूर्ण चुनावी अभियान में शामिल किया गया है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि वह पहले भी कांग्रेस संगठन के साथ असम में काम कर चुकी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्य की जिम्मेदारी दी थी। इस बार भी पार्टी द्वारा सौंपे गए दायित्व को वह पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाएंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य स्पष्ट है। असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार को सत्ता से हटाकर जनहित और विकास की राजनीति को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी और लोगों का भरोसा जीतने का प्रयास करेगी। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा महागठबंधन और इंडिया गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में उम्मीद है कि असम में भी गठबंधन दलों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा, जिससे भाजपा के खिलाफ विपक्ष की ताकत और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि देश में आदिवासी समाज के मजबूत और सम्मानित नेताओं में हेमंत सोरेन का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने भाजपा के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। दीपिका पांडेय सिंह ने उम्मीद जताई कि यदि हेमंत सोरेन भी असम में चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं तो भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने की लड़ाई और मजबूत होगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस निर्णय को लेकर उत्साह का माहौल है और पार्टी नेता इसे असम चुनाव में कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं।



