
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के अध्यक्ष रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को नशा मुक्ति, बाल विवाह और अन्य कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसी क्रम में ठाकुरगंगटी प्रखंड के चपरी गांव में अधिकार मित्र मुन्नी रानी और दिलीप यादव ने नशा मुक्त समाज के निर्माण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि नशा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है और इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है। नशापान के कारण महिलाओं को घरेलू कलह और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार का नशा शरीर और समाज दोनों के लिए घातक है। आज के समय में स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी ड्रग्स की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। इससे बचने के लिए समाज को दृढ़ संकल्प लेने की आवश्यकता है। शिविर में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि लड़कों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में शादी कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में माता-पिता, बाराती, नाई और पंडित सहित संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।डालसा की ओर से पोड़ैयाहाट, महागामा, बसंतराय, पथरगामा, गोड्डा, बोआरीजोर, मेहरमा और सुंदरपहाड़ी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।



