भरत पुर
जल जीवन मिशन में नहीं मिला पानी लाखो रूपये की स्कीम हुई फेल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। भुसावर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैंसीना के गांव गाजीपुर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 में लाखों रुपये की लागत से गांव में बनाई गई पानी की टंकी आज तक शुरू नहीं हो सकी है। योजना का उद्देश्य हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी गांव के लोगों को नल से पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत गांव में पाइपलाइन भी डाली गई थी, लेकिन कई जगह से पाइपलाइन टूट चुकी है और पूरी व्यवस्था बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। जिस सरकारी बोरवेल से गांव में पेयजल सप्लाई होनी थी, उसी बोरवेल से खेतों में सिंचाई की जा रही है, जिससे योजना के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि योजना के नाम पर उनसे रसीद के नाम पर करीब 65 हजार रुपये तक की राशि भी वसूली गई, लेकिन इसके बावजूद गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरे काम में भारी अनियमितताएं की गई हैं।
गांव में बनाई गई पानी की टंकी में भी घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। टंकी में कई जगह दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि टंकी के चारों ओर बनाई गई सेफ्टी दीवार में भी दरारें पड़ चुकी हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच करना जरूरी नहीं समझा। अधिकारियों की चुप्पी से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गांव में जल्द से जल्द पेयजल सप्लाई शुरू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।


