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बदायूं हत्याकांड में खुलासा

संदिग्ध भूमिका वाले कर्मियों की होगी छुट्टी, 20 कर्मी बिना ड्यूटी के पा रहे वेतन

बदायूं। बदायूं हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। संदिग्ध भूमिका वाले कर्मियों की प्लांट से छुट्टी होगी। 20 कर्मी बिना ड्यूटी के वेतन पा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी के परिवार के अलावा कुछ रिश्तेदार भी प्लांट में नौकरी करते पाए गए हैं।
बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले में एक और खुलासा हुआ है। एचपीसीएल के अधिकारियों ने कर्मचारियों को रखने वाली कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं कि सैजनी गांव के जो भी कर्मचारी संदिग्ध भूमिका वाले हैं उन सभी को निकालकर नए कर्मचारी बाहर से नियुक्त किए जाएं। इसको लेकर भी क्षेत्र में चचार्एं जोरों पर हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी के परिवार के अलावा कुछ रिश्तेदार भी प्लांट में नौकरी करते पाए गए हैं। इसी के साथ ही गांव के तमाम लोग प्लांट में नौकरी करते आ रहे थे। घटना के बाद एचपीसीएल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो यह मामला खुलकर सामने आ गया।
20 कर्मी बिना ड्यूटी के पा रहे वेतन
यह भी पता लगा है कि 20 से अधिक कर्मचारी बिना ड्यूटी किए ही वेतन पा रहे हैं। अब ऐसे लोगों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। इसके लिए अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था को उन्हें प्लांट से निकालने के आदेश दिए हैं।
रविवार को भी नहीं चला बुलडोजर -आरोपी का मकान-दुकान चिह्नित होने के बाद भी प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की है। लोगों का आरोप है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करके उसे स्टे आॅर्डर लाने का मौका दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी भले ही जेल में है, लेकिन पैरवी करने वाले लोग भाग-दौड़ कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि तहसील प्रशासन कार्रवाई करने में अब भी लीपापोती कर रहा है।
सैजनी गांव के बहुत से लोगों ने बंजर पड़ी जमीनों पर कब्जा कर मकान और दुकानें बना ली हैं। फिलहाल, चिह्नित किए गए ऐसे 10 लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। तीन दिनों में अगर उचित जवाब नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
प्लांट की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित की गई है और पीएसी की तैनाती भी की गई है। जो भी अवैध निर्माण चिन्हित हुआ है उसके ध्वस्तीकरण की नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।- अवनीश राय, डीएम
कानपुर से बीटेक के बाद यूपीएससी के इंटरव्यू में दो बार शामिल हुए थे हर्षित
एचपीसीएल के सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा शुरू से ही मेधावी रहे। हाईस्कूल में गणित की परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। बीटेक कानपुर से करने के बाद एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपोर्रेशन लिमिटेड) में नौकरी मिलने पर कई प्रदेशों में उनकी तैनाती रही।
मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सुशील मिश्रा और रानी मिश्रा के दो पुत्रों में बड़े हर्षित मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा मोहल्ले के आनंद आश्रम स्कूल में हुई। कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा मोहल्ला हबीबगंज के प्राइमरी स्कूल में पूरी की। कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक नगर के सरस्वती विद्या मंदिर से शिक्षा ली।
वर्ष 2007 में हाईस्कूल में उन्होंने कॉलेज में टॉप किया। इंटरमीडिएट के बाद लखीमपुर से पॉलिटेक्निक किया। इसके बाद कानपुर के एचबीटीआई से बीटेक किया। हर्षित के पिता सुशील मिश्रा पूरनपुर चीनी मिल में कर्मचारी थे। गत वर्ष 30 नवंबर को ही वह सेवानिवृत हुए।
बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट को दोबारा संचालित करने की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, रविवार को इस संबंध में गुजरात के अहमदाबाद में एचपीसीएल और सोपान कंपनी के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति बनी और इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि एचपीसीएल प्लांट का प्रबंधन देखती है, जबकि इसका संचालन सोपान कंपनी के माध्यम से किया जाता है। अहमदाबाद में हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही कंपनी के अधिकारी बदायूं पहुंचकर प्लांट को पुन: शुरू कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में बीते 12 मार्च को दो अफसरों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने रविवार को जिला अस्पताल परिसर स्थित आंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। वहीं प्लांट के बाहर धरना देने जा रहे जिलाध्यक्ष को पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया गया।

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