
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : गाजियाबाद में नाबालिग से जुड़े एक मामले को लेकर उस समय हड़कंप मच गया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के महासचिव अकबर चौधरी ने बताया कि यह मामला थाना टीला मोड़ क्षेत्र की चौकी सिकंदरपुर से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता पुलिस की कार्रवाई से नाराज़ थे और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले एक नाबालिग लड़की के मामले में देर रात करीब साढ़े 12 बजे मेडिकल कराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
पंडित सुनील शर्मा ने कहा कि इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वे भी मौके पर पहुंचे। वहीं यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (आउटरीच) मुरसलीन चौधरी ने आरोप लगाया कि पीड़िता के परिजनों को आधी रात में जबरन चौकी बुलाया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई। उनका यह भी कहना है कि परिवार ने एक युवक के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर उचित कार्रवाई नहीं की।
परिजनों का आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते पीड़िता के पिता ने पहले एक वीडियो जारी कर चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सोमवार को गाजियाबाद कमिश्नर कार्यालय के सामने आत्महत्या कर लेंगे।
सोमवार को जब वे कमिश्नर कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने अपने ऊपर तेल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया और घटना को होने से पहले ही रोक दिया। बाद में उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
इस मामले में गाजियाबाद के कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने तुरंत जांच के आदेश देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की गलती पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।

