
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। वृंदावन में झपट्टा मारकर आंखों से चश्मा निकालने वाले वृंदावन के बंदरों के बारे में सुना होगा। यह शरारती बंदर अब अधिकारियों की परेशानी का कारण बन गए हैं। तीन दिवसीय प्रवास पर आ रहीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का काला चश्मा बंदरों से बचाने की कवायद में अधिकारियों की नींद उड़ी है।बंदर से महामहिम का चश्मा बनाने के लिए गुलेल और लाठी-डंडे से लैस वन विभाग के कर्मचारी तैनात होंगे। उन्हें डराने के लिए लंगूरों के स्टेच्यू भी लगाए जाएंगे। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर 19 मार्च को मथुरा आ रही हैं। वह वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और स्थलों का दौरा करने के साथ ही रामकृष्ण मिश्रन सेवाश्रम चैरिटेबल हास्पिटल के नए कैंसर ब्लाक का लोकार्पण करेंगी। कर्मचारियों के साथ ही एक और काम किया जा रहा है। यह है लंगूर के स्टेच्यू लगाने का। जगह-जगह लंगूर के स्टेच्यू भी लगाए जाएंगे, जिससे बंदर उन्हें देखकर पास न आएं। दरअसल, पहले वीआईपी के दौरे पर कुछ प्रशिक्षकों को लंगूर के साथ तैनात किया जाता था। लंगूर को देखकर बंदर पास नहीं आते। लेकिन वाइल्ड लाइफ के नियमों के मुताबिक, यह ऐसा करना प्रतिबंधित है, ऐसे में अब लंगूर का उपयोग नहीं होता है। उनके स्थान पर स्टेच्यू बनाए जाएंगे।



