ललितपुर
सुख में सुमिरन जो करे दुख काए हो
मुनि सुधासागर अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनिसंघ ने दी श्रावकों को सीख

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए तीर्थ चकवर्ती मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि पर के आलम्बन के बिना व्यक्ति जी नहीं सकता और इसको छोडे बगैर कल्याण नहीं है। जीवन में अपने मन को प्रसन्न रखो सौभाग्य मानो कि हम अपने मन को दुखी नहीं करेंगे और अच्छा सोचेंगे। मुनि श्री ने जीवन को धर्म से जोडने की प्रेरणा देते हुए कहा अपना समय व्यर्थ मत गवाओ प्रभु की भक्ति स्वाध्याय से जुडने से जीवन में शान्ति और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। मुनि श्री ने कहा जैन दर्शन कहता है कि यह मनुष्य जन्म तुम्हें कई जन्मों के पुण्य से मिला है इसका उपयोग करो बुरे कार्यों पर न तो सोचो और न ही करो। धर्म ही सद आचरण और अच्छे बुरे की पहिचान देता है। उन्होंने कहा प्रकृत्ति माँ है बह गलत वस्तु का निर्माण नहीं करती हर वस्तुत में गुण है इसलिए पहिचानो और प्रभु चरणों से जुडो प्रभु के सुमरन में ही कल्याण है सुख के दिन गलत कार्य में मत गवाओ प्रभु चरणों में बने रहो और गलत कार्यों से बचो इससे जीवन में संस्कार आएगे और भविष्य सुधरेगा। धर्म सभा को शुभारम्भ में मुनि श्री सुधासागर महाराज का पादाप्रक्षालन जैन पंचायत के साथ शान्तोदय, देवोदय एवं सतोदय तीर्थ के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। महिला मण्डल द्वारा संगीतमय मुनि श्री की पूजन हुई जिसमें भक्तिपूर्वक अर्ध समर्पित किए गए। मुनिश्री के ससंघ अभिनंदनोदय तीर्थ में विराजमान रहने से अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। मुनिश्री की आहारचर्या में समूचा प्रांगण जयजयकारों से गूंज उठता है। सायंकाल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आलोक जैन शास्त्री के संयोजन में सम्पन्न हुआ जिसमें अनेकों श्रावकों ने अपनी शंकाओं का समाधान निर्यापक श्रमण मुनिश्री सुधासागर महाराज द्वारा पाया, जिसमें उन्होने श्रावकों को धर्म से जुडने एवं समाजिक कार्यों में सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।