जालौन
जालौन कोतवाल आनंद सिंह को मिली सदर कोतवाली की नई जिम्मेदारी
उरई में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर एक्शन एसपी ने किया बड़ा फेरबदल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उरई (जालौन)। उरई कोतवाली क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए कोतवाली स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल कर दिया है। शहर में आए दिन हो रही चोरियों, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे जिसके चलते यह बदलाव आवश्यक माना गया। इसीक्रम में जालौन कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह को सदर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक बनाया गया जबकि उरई कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद्र को जालौन कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया।
गौरतलब है कि जब से उरई कोतवाली की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर हरिशंकर चंद्र को सौंपी गई थी तब से अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे थे। शहर के विभिन्न इलाकों में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं लेकिन इन घटनाओं का खुलासा करने में पुलिस नाकाम साबित हो रही थी। कई मामलों में महीनों बीत जाने के बाबजूद न तो चोरी का माल बरामद हुआ और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। इससे आम जनता में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था। सिर्फ चोरी ही नहीं बल्कि मारपीट और विवाद की घटनाओं में भी तेजी आई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि पुलिस की ढीली कार्यशैली के कारण अपराधियों के मन में कानून का डर खत्म होता जा रहा था। हालात ऐसे हो गए थे कि उरई नगर की कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठने लगे थे और पुलिस की छवि भी धूमिल होती जा रही थी। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्यवाही करते हुए हरिशंकर चंद्र को उरई कोतवाली से हटाकर जालौन कोतवाली भेज दिया है। वहीं जालौन कोतवाली के प्रभारी आनंद सिंह को उरई कोतवाली की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही और कमजोर कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आनंद सिंह ने जालौन कोतवाली में रहते हुए अपराध नियंत्रण में बेहतर कार्य किया था। विशेष रूप से उन्होंने जुए और सट्टे जैसे अवैध कार्यों पर प्रभावी अंकुश लगाया था जिससे उनकी कार्यशैली की सराहना भी हुई थी। अब उन्हें उरई जैसे संवेदनशील क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है जहां आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। आगामी त्योहारों के चलते शहर में भीड़भाड़ और गतिविधियां बढ़ने वाली हैं ऐसे में पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। नए कोतवाल से उम्मीद की जा रही है कि वे सख्त कदम उठाते हुए अपराधियों पर नकेल कसेंगे और शहर में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि नए प्रभारी के नेतृत्व में उरई पुलिस अपराधों पर किस हद तक नियंत्रण पा पाती है और आम जनता को सुरक्षित वातावरण देने में कितनी सफल होती है। फिलहाल इस फेरबदल से लोगों में एक नई उम्मीद जरूर जगी है।



