
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने पर पुस्तक का विमोचन किया और इस दौरान प्रदेश की उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्धाटन होने वाला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में बीते नौ साल में भाजपा सरकार होने का परिणाम यह है कि देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क यूपी के पास है। प्रदेश के सर्वाधिक सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में मेट्रो सेवा का शुभारंभ किया। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली और मेरठ के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है और देश का पहला इनलैंड वाटर वे वाराणसी से हल्दिया के बीच उत्तर प्रदेश में बना है। एयर कनेक्टिविटी के लिए उत्तर प्रदेश में 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट और चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन हो रहा है। वहीं, हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 28 मार्च को देश के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का न्योता भेज दिया है। मतलब 2017 के पहले जिस प्रदेश की पहचान दंगों और खराब कानून व्यवस्था से होती थी उसकी पहचान आज विकास, सुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर से हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ह्लनव निर्माण के 9 वर्षह्व पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकतार्ओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।
पहले न बेटियां सुरक्षित थीं न व्यापारी-मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।



