
नई दिल्ली । राहुल गांधी ने लोकसभा से निलंबन रद्द होने वाले सांसदों से बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान संसद की कार्यवाही पर चर्चा की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की। यह वे सांसद हैं जिनका निलंबन मंगलवार को रद्द किया गया था। उन्होंने नई दिल्ली में उनके साथ चाय और कॉफी साझा की। यह अनौपचारिक बैठक केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से सदन में पेश किए गए प्रस्ताव के बाद आठ कांग्रेस सांसदों का निलंबन वापस लेने के एक दिन बाद हुई। यह निरस्तीकरण बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के कुछ सदस्यों के आचरण पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से खेद व्यक्त करने के बाद हुआ।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने फैसले के बाद सांसदों से बातचीत की। इसके साथ ही निलंबन और उसके निरस्तीकरण से संबंधित घटनाक्रमों पर चर्चा की। सांसदों ने उन्हें निलंबन की अवधि के दौरान सदन में घटी घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
क्यों हुआ थे निलंबित?- निलंबित सांसदों में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी. किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत यदाओराव पाडोले, एस. वेंकटेश और डीन कुरियाकोस शामिल हैं, ये सभी कांग्रेस पार्टी से संबंधित हैं। दरअसल, लोकसभा में तीखी बहस के दौरान कार्यवाही में बाधा डालने और अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने के आरोपों के बाद आठ सांसदों को 3 फरवरी को बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।
निलंबन रद्द के बाद कांग्रेस नेता ने क्या कहा? -इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कई कांग्रेस सांसदों ने निलंबन रद्द किए जाने का स्वागत किया। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पार्टी नेतृत्व और अध्यक्ष को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि विपक्ष सार्वजनिक मुद्दों को उठाना जारी रखेगा संसद में विपक्षी सदस्यों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा। सांसदों ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदन में जनता की चिंताओं को उठाने के लिए बहसों और चचार्ओं में उनकी भागीदारी आवश्यक है।



