ललितपुर
जीवन की सार्थकता समझो और अपनी शक्ति पहिचानो : मुनि सुधासागर
अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनिश्री ने कहा ऐसा करो कि दुनिया के काम आए
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए तीर्थ चकवर्ती श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने कहा हमें ऐसा करना है कि दुनिया के काम आए धर्म के काम आए और हम भगवान के चरणों में देने योग्य बने जिससे सदैव देता रहूँ। कभी ऐसी नौवत न आए कि मुझे दुनिया की तो छोडो बाप की भी वसियत न लेना पडे। मुनि श्री ने कहा हम दुनिया की शक्ति समझते हैं अपनी नहीं। जीवन में वह कार्य नहीं करना जिसको करने से डर लगे जिसको धर्म और गुरु रोकते हैं। माता-पिता का अभिशाप कभी नहीं लेना। मुनिश्री ने कहा धर्म ही जीवन में श्रेष्ठ है इसको समझो और अपने जीवन में उतारो यह नर जन्म मिला है जिसको सार्थक करो इसी में कल्याण है। मुनि श्री ने कहा धर्म ही एक ऐसा सहारा है जहां व्यक्ति को अच्छे बुरे का ज्ञान रहता है और पापों से बचकर अपना कल्याण कर लेता है। मुनि श्री द्वारा इन दिनों जीवन को श्रेष्ठ कर्मों के माध्यम से आनंदपूर्वक व्यतीत करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके पूर्व सुबह महावीरपुरा निवासी रजतमयी चौबीसी और अभिनंदननाथ भगवान की विशाल रजतमयी प्रतिमा विराजमान करने केपुर्णयजक के आवास से चौबीस तीर्थंकर भगवानों के विराजमान हेतु गोल्डस पालिशड सिंहासन छत्र भामंण्डल सहित की भव्य शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ अभिनंदनोदय तीर्थ पहुंची जिसमें भारी संख्या में श्रावक श्राविकाए सम्मलित हुए और विराजमान मुनि संघ से आशीर्वाद ग्रहण किया। मध्यान्ह में घटयात्रा ध्वजारोहण के उपरान्त श्री यागमण्डल विधान में अर्ध समर्पित किए गए।
