बालाघाट

मुद्दतों बाद मिला भूमि का पट्टा, अब वन विभाग उक्त भूमि से कर रहा बे-दखल

बिरसा की ग्राम पंचायत बंदनिया का मामला, पीड़ित महिलाओं ने सौपा ज्ञापन

पीओआर के नाम पर वसूले 16 हजार, 2 वर्ष बाद 2016 की थमाई गई रसीद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बिरसा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बंदनिया में खेती करने के लिए पट्टे पर दी गई फॉरेस्ट की जमीन से, दो लोगों को बे-दखल करने के आदेश जारी करने का एक मामला सामने आया है।जिसके विरोध में पीड़ित महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौपते हुए मामले में इंसाफ दिए जाने की मांग की है।सौपे गए इस ज्ञापन में उन्होंने पीओआर के नाम पर वन विभाग कर्मचारी द्वारा 16000 रुपए लेने का उल्लेख करते हुए, तुरन्त उक्त राशि की रसीद ना देने, और रकम लेने के 2 वर्ष बाद 16000 रु की जगह महज 2016 रुपए की रसीद थमाए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पीड़ित महिलाओं ने उन्हें इंसाफ दिए जाने, 16000 रुपए वसूलकर 2016 रुपए की रसीद थमाने वाले कर्मचारियों पर वैधानिक कार्रवाई करने और उन्हें उनके पट्टे वाली जमीन से बे-दखल न किए जाने की गुहार लगाई है। ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान बंदनिया निवासी फुलमत केराम और रामकलीबाई केराम ने संयुक्त रूप से बताया की उनके गाँव के लगभग 30 परिवार पिछले 20 वर्षो से अधिक समय से कान्हा टाईगर रिजर्व के बफरजोन की भूमि में फसल लगाकर कमा खा रहे है। जिसका हमारे पास शासन द्वारा जारी पट्टा उपलब्ध है। वर्ष 2024 में हमारे पति द्वारा, वन परिक्षेत्र फारेस्ट गार्ड के कहने पर 16 मार्च 2024 को पी.ओ.आर. के नाम पर 8-8 हजार कुल 16 हजार रूपये नगद राशि दी गई थी, किंतु उक्त राशि की रसीद उस समय प्रदान नही की गई। इसके लगभग 2 वर्ष पश्चात 06 मार्च 2026 को केवल 2016 रू का पी.ओ.आर. रसीद मनीराम के नाम से जारी की गई,जबकि दूसरी महिला के पति के नाम से पीओआर जारी नही किया गया। जबकि वास्तविक राशि 8-8 हजार रूपये ली गई थी और दोनो के नाम से अलग-अलग रसीद जारी की जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि हमारे अशिक्षित होने एवं जानकारी के अभाव में हमारे पति से वर्ष 2016 को राशि लेना बताया गया है।।महिला ने बताया कि 15 मार्च 2026 को परिक्षेत्र अधिकारी समनापुर बफरजोन द्वारा पति मनीराम के नाम से नोटिस जारी कर 16 मार्च 2026 को कथन लिया गया।कथन में पीओआर के नाम से 16 हजार रु की जगह 2016 रु की राशि 2026 में लेना बताकर हस्ताक्षर करा लिये गये।अब उक्त पट्टे वाली भूमि से हमें बे-दखल करने की बात कही जा रही है।अधिकारी लोग कह रहे हैं कि उक्त भूमि पर खेल ग्राउंड बनेगा, जबकि उस भूमि पर हम बरसों से खेती करते आ रहे हैं और उस भूमि का  हमारे पास पट्टा भी है।हमारी मांग है कि इस मामले में हमें न्याय दिलाया जाए ,अधिक राशि लेकर कम राशि की रसीद देने वाले कर्मचारी पर कार्यवाही की जाए।हमारे नाम से जारी पट्टे वाली उस भूमि से हमें बे-दखल ना किया जाए। इसी मांग को लेकर आज हमने ज्ञापन सौपा है।
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