जालौन
चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले की जांच करने लखनऊ से आयीं जांच टीम
कई घंटे डीडी कार्यालय में तीन सदस्यीय टीम खंगालती रही फाइलें

जांच टीम के सामने क्रमवार तरीके से लिपिकों की होती रही पेशी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उरई (जालौन)। भूमि संरक्षण कार्यालय में हुआ चिकित्सा प्रतिपूर्ति में गड़बड़झाले का दंश अब विभागीय अधिकारियों के लिये गले की फांस बनता जा रहा है। शुक्रवार को शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने कृषि उप निदेशक कार्यालय में कई घंटे तक फाइलों को खंगलाती रही इसी बीच डीडी कार्यालय के लिपिकों की क्रमवार तरीके से जांच टीम के सामने पेशी भी होती रही। जब तक जांच टीम कार्यालय में मौजूद रही तब तक कार्यालय में अजीबो गरीब नजारा देखने को मिला।
गौरतलब हो कि भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति का खुलासा होने के बाद भूमि संरक्षण अधिकारी व डीडी कृषि ने अपने-अपने कार्यालय के एक-एक लिपिकों के विरुद्ध सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी थी। लेकिन इसके बाद भी उक्त मामला शांत नहीं हुआ और जब पूरे प्रकरण की शिकायत शासन स्तर तक पहुंची तो शासन ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया जिसमें एडी प्रशासक कृषि डा. आशुतोष मिश्रा, अशोक कुमार वरिष्ठ सम्प्रेक्षक व अजय कुमार प्रधान सहायक बीती रात्रि जिला मुख्यालय पहुंच गये और शुक्रवार को उन्होंने उप कृषि निदेशक कार्यालय में अपना डेरा जमाकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले में हुये फर्जीबाड़े की जांच करने में जुट गये। तीन सदस्यीय जांच टीम ने कई घंटे तक डीडी कार्यालय में जांच दौरान फाइलों का गहन अध्ययन किया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पायी थी कि जांच टीम के हाथ क्या सबूत हाथ लगे। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू तो यह है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले में हुये फर्जीबाड़े में जिस तरह से हेराफेरी कर रकमें निकाली गयी थी अब विभाग किस मद से जमा करेगा या फिर यह मामला ही यूं ही शांत हो जायेगा यह तो आने वाला समय बतायेगा।

