देवघर भू-अर्जन कार्यालय में घूसखोरी का मामला, दो कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार
Two employees arrested red-handed for bribery at Deoghar land acquisition office

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
दुमका। देवघर जिला के भू-अर्जन कार्यालय में बाईपास रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में 5 प्रतिशत कमीशन (घूस) मांगना दो अधिकारियों के लिए महंगा साबित हुआ। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनुदेव प्रसाद यादव को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, देवघर के कुंडा के रहने वाले ब्रह्मदेव यादव की जमीन बाईपास रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजे की राशि दिलाने के दौरान प्रधान लिपिक निरंजन कुमार ने ब्रह्मदेव यादव से 20 हजार रुपये की घूस मांगने की कोशिश की। ब्रह्मदेव यादव ने इस घूस की मांग को अस्वीकार करते हुए दुमका में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन किया और दोनों आरोपियों को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बाद में निरंजन कुमार के देवघर स्थित सरकारी आवास की तलाशी में लगभग 3 लाख 19 हजार रुपये बरामद किए गए। एसीबी ने दोनों आरोपियों को दुमका लाकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सतत सक्रियता को दर्शाती है और अधिकारियों के लिए चेतावनी भी है कि घूसखोरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

