गोड्डा
डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट और 10 सूत्री मांगों को लेकर काला बिल्ला लगाकर कर रहे कार्य

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और चिकित्सकों की विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए राज्य के 10 प्रमुख चिकित्सा संगठनों ने मिलकर ‘जॉइंट मेडिकल मूवमेंट’ की शुरुआत की है। इसके तहत 13 अक्टूबर से सांकेतिक रूप से काला बिल्ला लगाकर कार्य कर रहे है, जो 20 तारीख तक चलेगा। इसके बाद 21 तारीख को धरना प्रदर्शन और 22 तारीख से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। आईएमए गोड्डा इकाई के सचिव डॉ आकाश कुमार ने बताया कि डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट कई राज्यों में लागू हो चुका है, लेकिन झारखंड में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। महिला विंग ने भी रात्रि सेवा के दौरान महिला चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम की तैयारी
आईएमए के अध्यक्ष डॉ जुनैद ने बताया कि 20 तारीख तक काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 21 तारीख को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 22 तारीख से कार्य का बहिष्कार होगा।
आयुष्मान भारत योजना और सिंगल विंडो सिस्टम
आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान न मिलने के कारण मरीजों को बेहतर सेवा देने में परेशानी होती है। इसके अलावा, चिकित्सा संस्थानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग की गई है, ताकि लाइसेंस और अनुमतियों के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़े। अस्पतालों और क्लीनिकों के नवीनीकरण संबंधी नियमों को सरल बनाने, बायोमेडिकल वेस्ट, पॉल्यूशन और फायर से जुड़े नियमों में सुधार करने तथा संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इस आंदोलन के दौरान आपातकालीन और जीवनरक्षक सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो सके। दौरान डॉ अशोक कुमार, डॉक्टर डीके चौधरी, डॉ अजय झा, डॉ सत्येंद्र मिश्रा, डॉ जिम्मी पाठक सहित दर्जनों चिकित्सक मौजूद थे।