ललितपुर
महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन से आय बढ़ाने के दिए गुर
अंतरराष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र खिरिया मिश्र में कार्यक्रम, पांच प्रगतिशील महिला कृषक सम्मानित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। अंतरराष्ट्रीय किसान वर्ष-2026 के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र खिरिया मिश्र में अंतरराष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिला कृषकों को कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, किचन गार्डेन और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आय बढ़ाने की जानकारी दी गई। खेती-किसानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कार्य करने वाली पांच महिला कृषकों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद स्तरीय महिला नोडल अधिकारी एवं भूमि संरक्षण अधिकारी उपमा गौतम ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने महिला कृषकों का स्वागत करते हुए परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उपमा गौतम ने कहा कि परिवार और समाज की प्रगति के लिए महिलाओं का शिक्षित एवं आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। उन्होंने महिला किसानों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और बेटियों का विवाह निर्धारित उचित उम्र में ही करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें। वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर महिलाएं खेती-किसानी में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इसमें वरिष्ठ प्राविधिक सहायक वर्ग-1 रिशु उपाध्याय ने महिलाओं के एकत्रीकरण तथा परिवार और समाज में उनकी सशक्त भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को संगठित होकर अपनी क्षमताओं का विकास करने के लिए प्रेरित किया। कृषि वैज्ञानिक सरिता देवी ने महिला कृषकों को घरों में किचन गार्डेन तैयार करने के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घरों में पौष्टिक सब्जियां उगाने के साथ अचार, मुरब्बा और अन्य खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकती हैं। कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करके किसान परिवार अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। वहीं, कृषि वैज्ञानिक अनुज गौतम ने उन्नत पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने तथा दुग्ध उत्पादन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महिला किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े अपने अनुभव, उपलब्धियां और समस्याएं साझा कीं। उपस्थित विभागीय अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने उनकी समस्याओं को सुनते हुए मौके पर ही उनके निस्तारण का प्रयास किया। महिलाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण और विभागीय योजनाओं से जुड़कर लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। समापन अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कार्य करने वाली पांच महिला कृषकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिला कृषकों में ग्राम महेशपुरा की कलावती पत्नी रमेश प्रसाद, विशाखा देवी पत्नी अमर सिंह और उर्मिला पत्नी खेमचन्द्र शामिल रहीं। इसके अलावा ग्राम ककरूवा निवासी फूलाबाई पत्नी छक्कीलाल तथा ग्राम बरखेरा निवासी रामकुंवर पत्नी धर्मलाल को भी सम्मानित किया गया। संचालन प्राविधिक सहायक वर्ग-सी श्रुति मिश्रा ने किया। अंत में उप कृषि निदेशक ने उपस्थित अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और महिला कृषकों के प्रति आभार व्यक्त किया।



