हापुड़

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस) में एमबीबीएस बैच 2026 का भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह आयोजित

नवप्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता का दिया गया संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

हापुड़ । सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस), हापुड़ में शुक्रवार को नवप्रवेशित एमबीबीएस बैच 2026 के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के शैक्षणिक वातावरण, पाठ्यक्रम, संस्थागत नियमों, छात्र कल्याण, छात्रावास व्यवस्था तथा चिकित्सा पेशे से जुड़ी जिम्मेदारियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के पाठ से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम, शैक्षणिक अनुशासन, कॉलेज प्रशासन और छात्रावास संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

शैक्षणिक पाठ्यक्रम एवं संस्थागत नियमों की दी गई जानकारी –

डॉ. कृति वर्ष्णेय, प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, ने विद्यार्थियों को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम से परिचित कराया तथा नियमित अध्ययन, शैक्षणिक योजना और निरंतर सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. ए. रेवंत कुमार, प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, ने कॉलेज के नियमों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के संबंध में मार्गदर्शन दिया। वहीं, डॉ. मनीष कुमार मधरे, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं चीफ हॉस्टल वार्डन, ने विद्यार्थियों को छात्रावास के नियमों, सुरक्षा और अनुशासन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। प्रथम वर्ष के संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों का अपने-अपने विभागों के संकाय सदस्यों से परिचय भी कराया।

दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ स्वागत –

स्वागत समारोह में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना का आयोजन किया गया, जो ज्ञान, विद्या और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। संस्थान की प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें चिकित्सा शिक्षा के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नैतिक आचरण और मरीजों के प्रति सम्मान की भावना एक सफल चिकित्सक के आवश्यक गुण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से सीखने, उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने और जिम्मेदार चिकित्सक बनने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

डॉ. रम्या रामचंद्रन ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और मानवीय मूल्यों पर दिया जोर –

सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रेन ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ ईमानदारी, विनम्रता और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि चिकित्सा शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा ज्ञान और कौशल अर्जित करना है, जो मानव जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दे सके। उन्होंने विद्यार्थियों को एसआईएमएस में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं एवं सीखने के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने अच्छे चरित्र, सकारात्मक संगति और नैतिक व्यावसायिक मूल्यों के महत्व को भी रेखांकित किया। मरीजों के प्रति सहानुभूति, सम्मान और संवेदनशीलता पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को कुशल चिकित्सक बनने के साथ-साथ ऐसे संवेदनशील इंसान बनने के लिए प्रेरित किया, जो समाज की सेवा में सार्थक योगदान दे सकें।

चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन ने विद्यार्थियों को दीं शुभकामनाएं –

संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अपना संदेश भेजा और उनकी शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक अनुशासन तथा योग्य, कुशल और संवेदनशील चिकित्सकों के निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपनी पढ़ाई करने तथा चिकित्सा पेशे के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

अनुशासन, नैतिकता और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश –

संस्थान के सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल ने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, जिम्मेदार व्यवहार और संस्थागत नियमों के पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सकारात्मक एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यावसायिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों तथा अनुशासित कार्यशैली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों की रही उपस्थिति –

कार्यक्रम में डायरेक्टर रघुवर दत्त तथा जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने संस्थान के नेतृत्व, अधिकारियों, संकाय सदस्यों, आयोजकों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात राष्ट्रगान हुआ और उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई।

एमबीबीएस बैच 2026 के लिए आयोजित यह ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह विद्यार्थियों की चिकित्सा शिक्षा यात्रा की एक महत्वपूर्ण शुरुआत रहा। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, व्यावसायिक अपेक्षाओं और चिकित्सा क्षेत्र की जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस), हापुड़ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, नैतिक चिकित्सा पद्धति तथा कुशल, जिम्मेदार और संवेदनशील चिकित्सकों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे भावी चिकित्सक तैयार करना है, जो चिकित्सा ज्ञान एवं व्यावसायिक दक्षता के साथ मानवता, सहानुभूति और सेवा की भावना को भी प्राथमिकता दें |

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