गाजियाबाद
अंकुर विहार-डीएलएफ में धूमधाम से हुआ शस्त्र पूजन, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
सभासद रामनिवास त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शस्त्रों के साथ वाहनों का भी हुआ पूजन, सुरक्षा और कर्तव्यनिष्ठा का लिया संकल्प

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद) : विजयादशमी के पावन पर्व पर लोनी के अंकुर विहार-डीएलएफ क्षेत्र में शस्त्र पूजन कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सभासद रामनिवास त्रिपाठी के नेतृत्व में हुआ। इसमें कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि महिलाओं की भी बडी़ीसंख्या में उपस्थिति देखने को मिली। विधि-विधान के साथ शस्त्रों एवं वाहनों का पूजन कर सुख-समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की गई।
शस्त्रों और वाहनों का विधि-विधान से पूजन
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप विजयादशमी का पर्व मनाया। पूजन के दौरान शस्त्रों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सुरक्षा, साहस, आत्मरक्षा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया गया। वहीं, वाहनों का पूजन कर उनके सुरक्षित संचालन और मंगलमय यात्रा की कामना की गई। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया।
महिलाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को जीवंत रखने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
सुरक्षा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षा, अनुशासन, आत्मरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने समाज में शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
सभासद रामनिवास त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। क्षेत्रवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से आयोजन पारंपरिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

