बासौली स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण
"रुर्बन मिशन" के तहत चल रही परियोजना में देरी व खराब गुणवत्ता पर जताई नाराज़गी

बागपत : जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शुक्रवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के अंतर्गत सिलाना क्लस्टर में शामिल ग्राम बासौली स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का औचक निरीक्षण किया। यह परियोजना लगभग 6.14 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2018 में शुरू हुई थी, जिसे मार्च 2023 तक पूर्ण होना था, लेकिन अब तक कार्य अधूरा है।
गुणवत्ता पर असंतोष, कार्य में देरी पर फटकार
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉम्प्लेक्स में बने स्टेडियम, बास्केटबॉल कोर्ट, स्विमिंग पूल बिल्डिंग व चहारदीवारी का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस की धीमी गति और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए और जो खामियां तथा अधूरे कार्य हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा:
“स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। मिट्टी का कार्य भी अधूरा है, जिसे जल्द पूरा कराएं। परिसर में साफ-सफाई की भी तत्काल व्यवस्था की जाए।”
साथ ही उन्होंने ग्राम प्रधान को निर्देशित किया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रखरखाव हेतु एक स्थायी व्यक्ति की नियुक्ति सुनिश्चित कराई जाए।
70 लाख की बायोगैस परियोजना बंद मिली, नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ग्राम बासौली में रुर्बन मिशन के अंतर्गत ही लगभग ₹70 लाख की लागत से निर्मित बायोगैस प्लांट की भी स्थिति जानी गई। प्लांट अक्रियाशील मिला और उसकी हालत खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के समय परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, डीआरडीए के सहायक अभियंता सौरभ चौधरी, ग्राम प्रधान समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद रहे।



