मेरठ
फार्मेसी में सतत नवाचार,एमआईटी की राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षाविदों ने रखे विचार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के फार्मेसी विभाग ने “एडवांसेज़ इन फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ ड्राइविंग इनोवेशन फ़ॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया। काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रायोजित इस संगोष्ठी में देशभर से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई।कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश अग्रवाल, जनरल मैनेजर (अनुसंधान एवं विकास), मोदी-मुंडीफार्मा तथा आमंत्रित अतिथि डॉ. नीरज कुमार, मानद सचिव, आईपीए दिल्ली शाखा ने अनुवादात्मक अनुसंधान, नवाचार-आधारित औषधि विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने फार्मास्यूटिकल विज्ञान में सतत विकास की अनिवार्यता पर बल दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता संस्थान निदेशक प्रो. (डॉ.) कुंवर लईक अहमद खान ने की, जिनका नेतृत्व अनुसंधान संस्कृति को सशक्त बना रहा है।संयोजक प्रो. (डॉ.) नीरज कांत शर्मा (एमआईटी प्राचार्य) एवं प्रो. (डॉ.) विपिन गर्ग (एमआईईटी प्राचार्य) ने शैक्षणिक उत्कृष्टता पर जोर दिया। सह-संयोजक डॉ. आलोक शर्मा ने टीम की सराहना की, जबकि आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) अमरेंद्र प्रताप यादव ने कुशल समन्वय सुनिश्चित किया और प्रायोजक का आभार जताया।प्रख्यात वक्ताओं में डॉ. ज़ीनत इक़बाल (जामिया हमदर्द) ने महिलाओं में प्रजनन कैंसर पर उन्नत उपकरणों पर व्याख्यान दिया। डॉ. मनीष के. चौरसिया (सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ) ने ड्रग डिलीवरी प्रणालियों पर चर्चा की, जबकि डॉ. पीयूष खरे (एफएस इंडिया) ने औषधि विनियमन पर प्रकाश डाला। संवादात्मक सत्रों में शोधार्थियों की सक्रियता रही। सुश्री अंशिका शर्मा ने संचालन किया। एमआईईटी चेयरमैन विष्णु शरण अग्रवाल व वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने बधाई दी। धन्यवाद के साथ समापन हुआ, जो शैक्षणिक इंडस्ट्री पुल का प्रतीक बना।

