टनल के गाद और पानी में उतरेगी रेस्क्यू टीम, 108 घंटे बाद कितनी है मजदूरों के बचे होने की उम्मीद

तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग हादसे में फंसे 8 मजदूरों को बचाने का ऑपरेशन गुरुवार (27 फरवरी) को छठे दिन में प्रवेश कर गया है। अब तक मजदूरों से कोई संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनके जीवित मिलने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है। राज्य सरकार ने अभियान को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन चुनौतियां बनी हुई हैं।
विपक्ष की न्यायिक जांच की मांग
विपक्षी दल बीआरएस ने सुरंग ढहने की घटना की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा, “108 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मजदूरों के परिवारों को अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। यह समय सस्ती राजनीति का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का है।”
रेस्क्यू टीम ने सुरंग में बनाई पहुंच
बचाव दल के सुरंग में जाने का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि सुरंग के भीतर बेहद संकरी और अंधेरी जगह पर राहतकर्मी प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। टीम अत्यधिक सावधानी बरतते हुए गाद के भीतर मजदूरों की तलाश कर रही है।
सरकारी अपडेट और बचाव अभियान की रणनीति
तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंगलवार (25 फरवरी) को रेस्क्यू ऑपरेशन को धीमा किया गया था, ताकि बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रेड्डी ने कहा, “एनडीआरएफ, सेना, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ अभियान की समीक्षा की गई है। गुरुवार को सुरंग के अंदर गाद के भीतर जाकर खोज अभियान तेज किया जाएगा।”
रेड्डी ने यह भी बताया कि बचाव अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए उन्नत मशीनों और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग किया जा रहा है। कीचड़ में फंसी बोरिंग मशीन तक पहुंचने के लिए नए मार्ग तलाशे जा रहे हैं, जिससे बचाव कार्य को गति मिले।
सरकार ने दावा किया है कि अगले दो दिनों में बचाव अभियान को पूरा कर लिया जाएगा। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या बचाव दल मजदूरों तक सुरक्षित पहुंच बना पाएगा या नहीं।