बागपत

स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज नहीं, सेवा का संकल्प है 

विशेष साक्षात्कार : डॉ. यशवीर सिंह (उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी – DY C.M.O.)

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत।
प्रश्न 1: डॉ. साहब, सबसे पहले आप अपने बारे में और अपने दायित्वों के बारे में बताइए।
उत्तर:
मैं डॉ. यशवीर सिंह, वर्तमान में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (DY C.M.O.) के रूप में कार्यरत हूँ। मेरा मुख्य दायित्व सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना तथा आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
प्रश्न 2: वर्तमान समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
उत्तर:
सबसे बड़ी चुनौती है बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में संसाधनों का संतुलन, साथ ही लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी। कई बीमारियाँ सिर्फ समय पर जानकारी और सही जीवनशैली अपनाने से रोकी जा सकती हैं, लेकिन लोग देर से अस्पताल पहुँचते हैं।
प्रश्न 3: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आपकी क्या प्राथमिकताएँ हैं?
उत्तर:
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मज़बूत करना, नियमित डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही आशा वर्कर्स और ANM के माध्यम से जन-जागरूकता बहुत ज़रूरी है।
प्रश्न 4: सरकार की कौन-कौन सी स्वास्थ्य योजनाएँ आम जनता के लिए सबसे ज़्यादा लाभकारी हैं?
उत्तर:
आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम आम जनता के लिए बेहद लाभकारी हैं। जरूरत सिर्फ यह है कि लोग इन योजनाओं की जानकारी लें और उनका सही उपयोग करें।
प्रश्न 5: निजी अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के बीच तालमेल को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
स्वास्थ्य एक साझा ज़िम्मेदारी है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में सहयोग होना चाहिए। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत यह तालमेल बेहतर हुआ है और आगे इसे और मजबूत किया जाना चाहिए।
प्रश्न 6: आम नागरिकों को आप क्या स्वास्थ्य संदेश देना चाहेंगे?
उत्तर:
बीमारी से डरने की बजाय रोकथाम पर ध्यान दें। नियमित जांच कराएँ, संतुलित आहार लें, व्यायाम करें और किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें। सरकारी अस्पतालों और योजनाओं पर भरोसा करें—ये आपके लिए ही हैं।
प्रश्न 7: युवा डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर:
डॉक्टर बनना सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि सेवा का व्रत है। ईमानदारी, संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की भावना ही आपको एक अच्छा चिकित्सक बनाती है।
डॉ. यशवीर सिंह जैसे अधिकारी न सिर्फ प्रशासनिक रूप से सक्षम हैं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी स्वास्थ्य सेवा को देखते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
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