रोहिलखंड विश्वविद्यालय में महात्माज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई

एनपीटी बरेली ब्यूरो
बरेली, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली पांचाल संग्रहालय स्थित पांचाल प्रेक्षागृह में महात्मा ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती कुलपति प्रोफेसर के .पी. सिंह जी की अध्यक्षता में मनाई गई तथा महात्मा ज्योतिबा फुले का राष्ट्र निर्माण में योगदान विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महात्मा ज्योतिबा फुले जी के छाया चित्र पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष व माननीय विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल व कुलसचिव आदि विभिन्न विद्वतजनों द्वारा पुष्प सुमन अर्पित किए गए।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर नागेंद्र कुमार, शिक्षा संकाय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी थे। प्रोफेसर कुमार ने अपने व्याख्यान में महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा राष्ट्र व समाज निर्माण में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला और बताया कि 18वीं शताब्दी में महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज उत्थान में शिक्षा को मुख्य आधार माना और महिला शिक्षा के लिए अथक प्रयास किए तथा कई विद्यालय खोले।
महात्मा फुले ने सामाजिक बदलाव के लिए मानवता पर बल दिया। फुले के विचार हमेशा समाज के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका का निर्वाह करेंगे तथा फुले द्वारा प्रतिपादित मानव धर्म ही वर्तमान में सर्वोपरि धर्म है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री संजीव कुमार सिंह ने भी महात्मा ज्योतिबा फुले के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संतोष अरोड़ा ने अपने सारगर्भित व्याख्यान में बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले की समावेशन शिक्षा नीति को वर्तमान समय में अपनाने की आवश्यकता है। महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती का कार्यक्रम महात्मा ज्योतिबा फुले शोध पीठ के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन एम.एड. द्वितीय वर्ष की छात्रा समीक्षा श्रीवास्तव ने किया तथा तथा विधि विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉक्टर कामिनी विश्वकर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।