गोड्डा
पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के हरला पेटार पहाड़ी में खुलेआम पहाड़ों का हो रहा दोहन

पोड़ैयाहाट : जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत हरला पीटर पहरी क्षेत्र में इन दिनों खुलेआम पत्थर माफिया द्वारा पहाड़ों से अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चलता नजर आ रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि हिम्मत वाली सरकार के राज में जल-जंगल-जमीन के लूट की खुली छूट है। हेमंत सरकार ने जब सत्ता संभाली थी, तब वादा किया था कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करूंगा, लेकिन आज हालात ये हैं कि झारखंड के कई इलाकों में प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है। जिसका सबसे ताजा और जीता जगता उदाहरण है गोड्डा का हरला पीटर पहरी।
यहां पत्थर माफिया द्वारा पहाड़ों से बिना किसी वैध अनुमति के खनन किया जा रहा है। यह पत्थर सरकारी योजनाओं में ट्रैक्टर के जरिए उपयोग किया जा रहा है, जो इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं संबंधित विभागों की मिलीभगत या लापरवाही जरूर है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या विभाग को इस लूट की खबर नहीं है ? क्या इस खनन के पीछे अधिकारियों की मौन सहमति है ? अगर नहीं, तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई है। वहीं इस अवैध खनन से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। इस अवैध धंधे से माफिया का सीधा प्रभाव गांव की सुरक्षा और पर्यावरण पर पड़ रहा है। यह केवल खनन नहीं, जनता की संपत्ति की डकैती है! क्या ‘हिम्मत वाली सरकार’ का मतलब माफियाओं की छूट और अफसरशाही की लूट है?
अगर नहीं, तो तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्रीय खनन की जांच हो। दोषी अफसरों पर कार्रवाई। माफियाओं की गिरफ्तारी हो। पहाड़ों और वन क्षेत्र की निगरानी हो। यह मामला प्रशासनिक जागरूकता और जन-सुरक्षा से जुड़ा है। अगर अब भी सरकार और प्रशासन नहीं जागे, तो “जल-जंगल-जमीन” सिर्फ नारा बनकर रह जाएगा।




