असम

असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में असम साहित्य सभा का ‘रामधेनु’ केंद्रीय कार्यक्रम संपन्न। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम: असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय शाखा साहित्य सभा के सहयोग से डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय परिसर के इंदिरा मिरी प्रेक्षागृह में असम साहित्य सभा का ‘रामधेनु’ कार्यक्रम संपन्न हुआ। शनिवार शाम को असम साहित्य सभा के उपाध्यक्ष पदुम राजखोवा की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा की शुरुआत असम साहित्य सभा का शीर्ष गीत “चिर चेनही मोर भाषा जननी” के गायन से हुई, जिसमें जिला साहित्य सभा, शाखा साहित्य सभा के सदस्य और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। असम साहित्य सभा की “कूंही” उप-समिति के संयोजक प्रशांत शईकिया और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय शाखा साहित्य सभा के सचिव डॉ. कल्याण भुइयां द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन असम साहित्य सभा के प्रधान सचिव देवजीत बरा ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि असमिया भाषा-संस्कृति के विकास और प्रसार के उद्देश्य से जन्मी असम की इस सबसे बड़ी राष्ट्रीय संस्था को भविष्य में युवाओं के साथ कैसे आगे बढ़ाया जाएगा, इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा, असम साहित्य सभा ने हर शाखा को साहित्यिक गतिविधियों के लिए मंच प्रदान कर ‘रामधेनु’ को युवा समाज की प्रतिभा विकास का एक प्रमुख मंच बताया और आशा जताई कि आने वाले दिनों में छात्र-छात्राएं इस मंच के माध्यम से असमिया भाषा-साहित्य को विशेष योगदान देंगे। सभा में असम साहित्य सभा-विदेश मैत्रीबन्धन उप-समिति के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत बरकटकी, असम साहित्य सभा के संगठन सचिव नित्यानंद बरा, सुनील गुरुंग, डिब्रूगढ़ जिला केंद्रीय प्रतिनिधि नोमल गोगोई, रामधेनु उप-समिति के कार्यकारी अध्यक्ष त्रिदिव भगवती, रामधेनु संयोजिका डॉ. ज्ञानश्री बरा, कॉटन विश्वविद्यालय छात्र एकता सभा के पूर्व अध्यक्ष हिमांशु कुमार दास, और कवयित्री तन्विता भारद्वाज उपस्थित थे। यहां पर कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मानकटा शतदल शाखा साहित्य सभा की अध्यक्ष कुसुम सोनवाल शइकिया, सचिव नवनीता श्याम उरंगिया और अनिमा कोच गोगोई ने कविता पाठ किया। इसी कार्यक्रम में असम साहित्य सभा के उपाध्यक्ष पदुम राजखोवा और प्रधान सचिव देवजीत बरा को असम की इस राष्ट्रीय संस्था का नेतृत्व करने के लिए मानकटा शतदल शाखा की ओर से चेलेंग और सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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