असम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एपीएससी के विज्ञापनों पर कड़ा प्रहार

कोचिंग सेंटरों को हटानी होगी सफल अभ्यर्थियों की फोटो। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : बुधवार को असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य के कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। विशेष रूप से सफल अभ्यर्थियों के नाम और फोटो का उपयोग कर चलाए जाने वाले कोचिंग सेंटरों के विज्ञापनों पर उन्होंने तीव्र आलोचना की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले एक सप्ताह के भीतर सभी असामान्य सेवा कोचिंग सेंटर ऐसे विज्ञापन हटा लें। इसी तरह सफल अभ्यर्थियों को उनके फोटो ऐसे विज्ञापनों से तत्काल हटवाने का उन्होंने आदेश दिया।मुख्यमंत्री ने आक्षेप जताते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर छात्रों को भौंरा की तरह महज कुछ बातें सिखाते हैं और उसके बाद विज्ञापन के नाम पर व्यापार शुरू कर देते हैं। वे अभ्यर्थियों के मन में ऐसी धारणा बिठाते हैं मानो उनकी यह सफलता केवल कोचिंग सेंटर के कारण ही हासिल हुई हो। ऐसी मानसिकता के खिलाफ टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोचिंग सेंटर में जो पढ़ाया जाता है, एपीएससी उसका उल्टा प्रश्न पूछता है ताकि वास्तविक योग्यता की परीक्षा हो। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों को केवल एसीएस या एपीएस तक सीमित न रहने बल्कि यूपीएससी के लिए भी खुद को तैयार करने का आह्वान किया। सरकार ने ऐसे योग्यतावान लोगों को तैयारी की सुविधा वाले स्थानों पर नियुक्ति देने का भी उन्होंने आश्वासन दिया। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्षों में राज्य सरकार ने 1 लाख 60 हजार नियुक्तियां पूरी की हैं और इसके विरुद्ध एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। पूर्व सरकार के दौर में एपीएससी नौकरियों के लिए करोड़ों के लेन-देन की जो कहानी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश विप्लव कुमार शर्मा के प्रतिवेदन में उल्लेखित है, वह वातावरण अब पूरी तरह शुद्ध हो चुका है, ऐसा उन्होंने दावा किया। उन्होंने निकाली गई नियुक्ति का उदाहरण देते हुए नूपुर बरा का प्रसंग भी उठाया और कहा कि निकालकर नियुक्ति पाने पर भी यदि कोई भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुंकार भरी देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वर्तमान युग में प्रौद्योगिकी के उपयोग में वृद्धि हो चुकी है, इसलिए कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेकर या भ्रष्टाचार कर बच नहीं सकता। पिछले पांच वर्षों में राजस्व विभाग में सर्वाधिक मंडल ग्रेप्तार होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि आयकर से छिपाकर नगद धन रखना अब इतना आसान नहीं है। प्रौद्योगिकी की सहायता से महीने भर के अंदर किसी भी आरोपी को पकड़ा जा सकता है, ऐसा उन्होंने सख्ती से कहा। इसलिए नई नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों को अपने कार्यालय में एक स्वच्छ और निष्कलंक वातावरण बनाने का उन्होंने आह्वान किया।इस समारोह में असम लोक सेवा आयोग के सफल अभ्यर्थी उत्साह से भरे नजर आए। मुख्यमंत्री के भाषण ने न केवल कोचिंग सेंटरों को आईना दिखाया बल्कि युवा अधिकारियों को नई ऊर्जा प्रदान की। राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अब एक मिसाल बन चुकी है।

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