पानी भरने के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में झड़प, दो गिरफ्तार
Dispute over filling water took a violent turn, two parties clashed, two arrested

सिराज अंसारी
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो। जामताड़ा। मिहिजाम, 17 जून: जामताड़ा जिले के मिहिजाम नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत कुर्मीपाड़ा स्थित गगरी खटाल में 17 जून को सामुदायिक चापाकल से पानी भरने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मिहिजाम थाना में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब प्रथम पक्ष की महिला सुमन कुमारी सामुदायिक चापाकल से पानी भर रही थीं। इसी दौरान दूसरे पक्ष की कुछ महिलाओं ने उन्हें पानी भरने से रोक दिया। सुमन कुमारी ने आरोप लगाया कि नेहा, मनीषा, नंदिनी, संजय यादव और रिंकू देवी ने पहले उन्हें पानी भरने से मना किया और फिर उन पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप प्रथम पक्ष सुमन कुमारी द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि नेहा, मनीषा, नंदिनी, संजय यादव और रिंकू देवी ने न सिर्फ उन्हें पानी भरने से रोका बल्कि गाली-गलौज और मारपीट भी की। वही दूसरा पक्ष यानी दूसरी ओर रूना देवी ने सुमन कुमारी, संजय यादव, क्रांति देवी, अजित कुमार, आकाश यादव और रजनी कुमारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और सोने की चेन छीन ली। घटना के बाद मिहिजाम थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने इस प्रकरण में नामजद आरोपियों में से दो सुधीर यादव और अजित यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इलाके में तनाव, पुलिस ने की शान्ति की अपील। घटना के बाद से ही कुर्मीपाड़ा क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने और शान्ति बनाए रखने के लिए मिहिजाम पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों से संयम बरतने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। सामुदायिक संसाधनों के उचित उपयोग को लेकर ऐसे विवाद भविष्य में और भी विकराल रूप न ले, इसके लिए प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।


