बेसिक शिक्षा विभाग को खत्म करने की साज़िश कर रही है योगी सरकार
सरकार के फैसले के खिलाफ पी आई एल दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं शिक्षा विद् प्रोफेसर सम्पूर्णानंद मल्ल

फैसले से आर टी ई एक्ट का घोर उल्लंघन -जग प्रसाद कोरी
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कम नामांकन वाले विद्यालयों की पेयरिंग और मर्ज करने के फैसले के विरोध में भारत मुक्ति मोर्चा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि को दिया।दस सूत्रीय ज्ञापन में विद्यालयों की मर्जिंग के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार मौर्य और बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष जगप्रसाद कोरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जगप्रसाद कोरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला गरीबों के बच्चों को अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा से वंचित करेगा। स्कूलों के बंद होने से शिक्षकों के पद कम होंगे और भविष्य में भी बी टी सी/डी एल एड और बी एड योग्यता धारी युवक बेरोजगार रह जायेंगे। सरकार बेसिक शिक्षा विभाग को खत्म करने की साज़िश कर रही है।
संतोष कुमार मौर्य ने कहा कि बेरोज़गारी का दंश झेल रहा उत्तर प्रदेश का युवा इस फैसले से आक्रोशित है। सामाजिक असंतोष बढ सकता है।इस फैसले से हजारों प्रशिक्षण संस्थान भी बंद हो जायेंगे। राधेश्याम सरोज, रामराज गौतम,अजय रावत, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद, तुलसी राम कोरी,निसार अहमद, अजय कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।
सरकार के फैसले के खिलाफ पी आई एल दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं शिक्षा विद् प्रोफेसर सम्पूर्णानंद मल्ल
अमेठी। गोरखपुर के शिक्षा विद् प्रोफेसर सम्पूर्णानंद मल्ल का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सम्पूर्णानंद मल्ल ने योगी सरकार द्वारा स्कूलों की पेयरिंग और मर्जिंग के फैसले को शिक्षा के लिए विनाशकारी बताया है और कहा है कि यदि यह फैसला लागू होता है तो यह आर टी ई एक्ट की हत्या होगी। शिक्षा हमारे मौलिक अधिकारों में शामिल है, विरोध शुरू हो गया है, सरकार ने अपनी मानसिकता का प्रदर्शन जरुर कर दिया है,इस पालिसी को लागू नहीं कर पाऐगी। उन्होंने कहा है कि मैं सुप्रीम कोर्ट में पी आई एल दाखिल करूंगा सुप्रीमकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करते हैं।हमें उन पर पूरा भरोसा है। सम्पूर्णानंद मल्ल ने देश के सभी प्राइवेट स्कूलों का राष्ट्रीयकरण करने की मांग की है।

