अलवर
शौचालयों की दुर्दशा पर मंडी समिति की चुप्पी, करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं सुधर रहे हालात

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अलवर : कृषि उपज मंडी प्रांगण में बने शौचालयों की बदहाल स्थिति एक बार फिर मंडी समिति की लापरवाही को उजागर कर रही है। महीनों से टूटे पड़े शौचालय, गंदगी और दुर्गंध से भरे पड़े हैं, जिससे किसानों, व्यापारियों और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मंडी सचिव से लेकर पूरा स्टाफ इस दुर्दशा से भलीभांति परिचित है, फिर भी मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
स्थानीय लोगों की मानें तो एक शौचालय तो लगभग एक महीने से पूरी तरह टूटा हुआ पड़ा है, लेकिन उसे दुरुस्त करने की जगह उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। इस समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है, फिर भी उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
दूसरी ओर, मंडी समिति नई शौचालय इमारतों के निर्माण में करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, जबकि पुराने शौचालय मरम्मत के इंतजार में खंडहर बनते जा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि समिति की प्राथमिकताएं कहीं न कहीं गलत दिशा में जा रही हैं।
जनहित की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह आम नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के अधिकार का भी सीधा उल्लंघन है। मंडी प्रशासन को चाहिए कि वह फिजूलखर्ची छोड़कर पहले से मौजूद संसाधनों की देखरेख पर ध्यान दे, वरना जनता का आक्रोश किसी भी समय फूट सकता है।



