मथुरा

रिश्वत लेते हुए कांस्टेबल गिरफ्तार

 ई रिक्शा चालक से मांगे 50 हजार रुपए, एंटी करप्शन ने पकड़ा

मथुरा। बीते पांच माह में यूपी में मथुरा ऐसा पहला जिला बन गया है जहां रिश्वतखोर सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी, सरकारी चिकित्सक, तहसील सदर के कानूनगो , पुलिस दरोगा, कांस्टेबल रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडे गए जोकि जेल गए। इस महीने में यानि आज गुरुवार को एक पुलिसकर्मी एंटी करप्शन टीम द्वारा मथुरा महानगर के गोविंद नगर क्षेत्र से ई रिक्शा चालक से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यहां यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि पूर्व के अधिकारी अपने कार्यकाल के दौरान रिश्वतखोरों को पकड़वाने में दिलचस्पी नहीं रखते थे क्योंकि उससे उनकी छवि पर भी आंच आती थी । वहीं वर्तमान डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार योगी सरकार की आम जनता में छवि निखारने के लिए जरा भी किंचित मात्र नहीं सोचते कि रिश्वतखोर उनके कार्यकाल में पकड़े जाएंगे तो उनकी छवि भी खराब होगी। थाना गोविंद नगर में तैनात सिपाही को आज एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन टीम की छापामार कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी सिपाही को टीम गोविंद नगर थाने से फरह थाने में लाकर पूछताछ करने में जुटी है। यहां एंटी करप्शन टीम के प्रभारी ने सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गोविंद नगर थाने में तैनात शुभम चौहान ने ई रिक्शा चलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी। गुरुवार को एंटी करप्शन टीम अपने साथ पीड़ित को लेकर गोविंद नगर थाने पहुंची। यहां टीम ने पीड़ित को लिफाफे में 50 हजार रुपये दिए। पीड़ित ने सिपाही को फोन किया और रुपये लेने के लिए बुलाया। आरोपी सिपाही पीड़ित को लेकर थाने के पीछे पहुंचा। यहां उसने जैसे ही रुपयों का लिफाफा लिया एंटी करप्शन टीम ने उसे घेर लिया। सिपाही ने जैसे ही टीम को देखा उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने उसे गाड़ी में बैठाया और सीधे फरह थाने पहुंची। यहां देर रात तक एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई जारी थी। टीम ने पूछताछ के बाद आरोपी सिपाही का चिकित्सीय परीक्षण कराया। बताया जाता है कि आरोपी सिपाही शामली का निवासी है, और 2020 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। ये कार्यवाही संजू ठाकुर की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने की थी। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है कोई भी पुलिस अधिकारी कर्मचारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। एफ आई आर में गिरफ्तारी अंतरराज्यीय बस स्टैंड हाईवे से दिखाई गई है। पूरी कार्रवाई एंटी करप्शन टीम के प्रभारी संजय राय के नेतृत्व में की गई।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button