सीसीएल करमा परियोजना के खुले खदान में हुई मौत लापरवाही का नतीजा है – विजय शंकर नायक
Death in the open mine of CCL Karma Project is the result of negligence - Vijay Shankar Nayak

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची, झारखण्ड के रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में सीसीएल करमा परियोजना के खुले खदान में शनिवार सुबह हुए दिल दहलाने वाले हादसे ने एक बार फिर अपने आप सवालिया निशान लगा दिया है। चाल धंसने से चार गरीब मजदूरों—निर्मल मुंडा (42), वकील करमाली (55), इम्तियाज खान उर्फ लालू खान (38), और रामेश्वर मांझी (35)—की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य—रोजिदा खातून (35), सरिता देवी (40), और अरुण मांझी (22)—गंभीर रूप से घायल होने पर आज अपनी प्रतिक्रिया मे आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सह- पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने कहा कि रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में सीसीएल करमा परियोजना के खुले खदान में हादसे से हुई मौत सरकार की लापरवाही और माफिया के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध खनन का खूनी परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और माफिया के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध खनन का खूनी परिणाम है। नायक ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आक्रोशित और तीखे शब्दों से हमला करते हुए इसे सीधे तौर पर दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग के लोगों की हत्या करार देते हुए कहा है कि यह हत्या उस भ्रष्ट व्यवस्था की है, जो दिन-रात अवैध कोयला खनन को संरक्षण दे रही है। कहा सरकार की नाक के नीचे माफिया खुलेआम काला कारोबार चला रहे हैं, और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। क्या यह संयोग है कि सीसीएल द्वारा बंद की गई खदान को माफिया ने फिर से शुरू कर दिया, और सरकार को इसकी भनक तक नहीं? कहा यह सरकार की नाकामी नहीं, तो और क्या है? उन्होंने यह भी आगे कहा कि झारखंड के गरीब दलित, आदिवासी और मूलवासी रोजी-रोटी की तलाश में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, और सरकार की लापरवाही उनकी जिंदगी छीन रही है। रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो—हर जगह मौत का यह काला खेल बेरोकटोक चल रहा है।



