पाकुड़ स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी, डीडीसी पद भी खाली, प्रशासनिक दबाव बढ़ा
There is a huge shortage of doctors and staff in the Pakur health department, the DDC post is also vacant, increasing administrative pressure.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिले में स्वास्थ्य विभाग को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां डॉक्टरों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की भारी कमी देखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस स्थिति पर यह सवाल उठता है कि क्या झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान जिले के विधायकों में से किसी ने स्वास्थ्य सेवाओं में इस अभाव को लेकर सवाल उठाया या प्रशासन से समाधान की मांग की। फिलहाल इस विषय पर विधायकों और स्वास्थ्य विभाग दोनों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर और स्टाफ की कमी के कारण आपातकालीन स्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, और जल्द प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। वही 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए पाकुड़ डीडीसी महेश कुमार संथालिया के पद पर अब तक नया डीडीसी पदासथपित नहीं किया गया है। लगभग ढाई महीने बीत जाने के बावजूद डीडीसी पद खाली रहने से समस्त प्रशासनिक कार्य मजबूरन आलाधिकारी के कंधों पर आ गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक पदों में आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जिले में जनसेवा सुचारू रूप से चल सके और लोगों का भरोसा कायम रहे।



