अमरोहा
बंधक बनाकर बिजली का तार लूटकर ले गए बदमाश,
कार्यदायी संस्था के गाेदाम पर हुई घटना, पुलिस बता रही संदिग्ध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा : बिजली विभाग के गोदाम पर बदमाशों ने धावा बोलकर दो चौकीदारों समेत तीन लोगों को बंधक बनाया और एक किलोमीटर से अधिक तार लूट लिए। पुलिस इस घटना को संदिग्ध मान रही है। कंपनी के अधिकारियों द्वारा स्पष्ट जानकारी न देने से मामला और उलझ गया है। पुलिस जाँच कर रही है।
बिजली विभाग में नई लाइन का काम करने वाली कार्यदायी संस्था के गोदाम पर बदमाश पहुंच गए। उन्होंने वहां पर दो चौकीदार सहित तीन लोगों को बंधक बनाया और फिर एक किमी से अधिक तार लूटकर ले गए। हालांकि, पुलिस इस घटना को संदिग्ध बता रही है। मामले की तहरीर थाने में दी गई है।
मेरठ से अमरोहा जिले को सप्लाई देने के लिए एक नई लाइन जुड़ रही है। इस कार्य का जिम्मा आरएस इंफ्रा नामक कंपनी के पास है। कंपनी ने धनौरा मार्ग पर कुमराला पुलिस चौकी से करीब पांच सौ मीटर दूर ईट भट्टे के पास में एक गोदाम बना रखा है। यहां पर लाइन में प्रयुक्त होने वाला केबिल, उपकरण व अन्य सामान रखा रहता है
गुरुवार की रात को राम निवास शर्मा निवासी मुहल्ला धुनपुरी थाना गजरौला व सुभाष निवासी मुहल्ला मायापुरी चौकीदार मौजूद थे। इसके इलावा सहारनपुर के कस्बा नौनुता कुंआखेड़ा निवासी मोहित वर्मा चालक ट्रक लेकर सामान उतारने के लिए आया था।
आरोप है कि रात को करीब दो बजे कुछ बदमाश पहुंचे और उन्होंने पहले दोनों चौकीदारों को गन प्वाईंट पर लेकर शर्ट, अंगोछा आदि बांधकर बंधक बना लिया और फिर ट्रक चालक को भी बंधक बनाकर उनके ही पास बैठा दिया।
तीनों की आंखों पर भी कपड़ा बांध दिया और एक दो बदमाश उनके पास बैठे गए और उनके कुछ साथियों ने गाड़ी लगाकर करीब 1.2 किमी लंबाई के केबिल के टुकड़े भर लिए। करीब एक घंटे तक लूटपाट करने के बाद वे यहां से फरार हो गए
उनके जाने के बाद किसी तरह बंधनमुक्त होने पर चौकीदारों ने पड़ोस के खोखा स्वामी से घर पर फोन करके पूरी घटना बताई तो वहीं उधर से गश्त करके जा रहे पुलिसकर्मियों को रोककर पूरी घटना से अवगत कराया।
कंपनी के स्टोर इंचार्ज दुलार चंद महतो ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई के लिए कहा है। उधर, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश प्रधान ने बताया कि घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। फिर भी जांच की जा रही है।
कंपनी के अधिकारियों की बात से उलझ रही कहानी
इस प्रकरण के बारे में कार्यदायी संस्था के अधिकारी भी कुछ कहानी को साफ नहीं बता रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस भी इस घटना को संदिग्ध मानकर चल रही है।
कंपनी के स्टोर इंचार्ज से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस घटना के बारे में बहुत कुछ जानकारी नहीं है। बाद में जानकारी देने की बात कहकर मीडिया से भी बचते हुए नजर आए। यही वजह है कि अधिकारियों की इन बातों से इस घटना की कहानी कुछ उलझी सी नजर आ रही है।


