डी डी ओ ने किया गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
अमेठी। शनिवार को जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने गो आश्रय स्थल महमूदपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोवंश आश्रय स्थल पर हरा चारा नहीं मिला।गोवंशो को पशु आहार नहीं मिल रहा है।इस गोवंश आश्रय स्थल पर दो गोवंश पिछले सप्ताह मर गये थे।
गोवंश आश्रय स्थल महमूदपुर की दूरी विकास खंड मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर है। यहां सौ से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। संरक्षित गोवंशो को हरा चारा और पशु आहार नहीं दिया जा रहा है।
गोवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं होता है। अधिकांश गोवंश कमजोर है। पिछले सप्ताह बारिश के दौरान दो गोवंशो की मौत हो गई थी। केयर टेकर और सचिव ने इसे छिपा लिया और मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
शनिवार को नोडल अधिकारी और जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां हरे चारे का एक भी टुकड़ा नहीं मिला।पशु आहार भी नहीं दिया गया था।डी डी ओ ने केयर टेकर को डांट लगाई और पशु आहार को अपने सामने जानवरों को दिलाया। गोवंश आश्रय स्थल पर जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए सचिव को गेट पर राबिश डलवाने के निर्देश दिए।
मृत गोवंशो का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया,इस सवाल पर पशु चिकित्सा अधिकारी शिवम् गंगवार ने कहा कि सचिव ने हमें सही रिपोर्ट नहीं दी।
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चारों तरफ मोटी पालीथिन लगवा दो, ताकि लोग फोटो न खींच पाएं
अमेठी। महमदपुर गो आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान डी डी ओ ने केयर टेकर को गेट के सामने और बाउंड्री वॉल के चारों तरफ मोटी पालीथिन लगवाने और गेट को हमेशा बंद रखने के निर्देश दिए, ताकि कोई मीडिया कर्मी फोटो न खींच पाएं।
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मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अमल में लापरवाही कर रहे डाक्टर और चिकित्सक
अमेठी। जिले में सवा सौ गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। संरक्षित गोवंशो की देखरेख, स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें समुचित आहार उपलब्ध कराने के मामले में सचिव और पशु चिकित्सा अधिकारी मुख्यमंत्री के निरीक्षण का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। बारिश के मौसम में जानवरों के बीमार होने के खतरे बढ़े हुए हैं,फिर भी गोवंशो का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि हरा चारा और पशु आहार सिर्फ दिखावे के लिए रखा रहता है। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उपलब्धता दर्शाई जाती है। किसी भी गोवंश आश्रय स्थल पर संरक्षित गोवंशों को हरे चारे और पशु आहार का समुचित वितरण नहीं किया जा रहा। कुछ केयर टेकर अंधेरा होने पर गेट खोल देते हैं और संरक्षित गोवशों के साथ रात भर इधर-उधर विचरण करते रहते हैं।
हाल ही में गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने जिले में गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का अनुपालन करने के निर्देश दिए थे।पशु चिकित्सा अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने उन पर अमल नहीं किया है।
वृहद गो वंश आश्रय स्थल सरैया दुबान, त्रिलोकपुर, भगनपुर आदि गोवंश आश्रय स्थलों की यही स्थिति है।
विकास खंड में नौ गोवंश आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशो की संख्या अठारह सौ के आसपास है। सबसे अधिक संख्या सरैया दुबान में है। यहां सबसे अधिक गोवंश संरक्षित हैं।

